आर्य कन्या PG कॉलेज की दीवार से सटा कूड़े का पहाड़
इंटरलॉकिंग पर सड़ रहा कचरा - छात्राओं का सांस लेना दूभर, नगर पालिका मौन
मुख्य सब्जी मंडी में गंदगी का अंबार, डेंगू-मलेरिया का खतरा, महीनों से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
लखीमपुर खीरी। शहर के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय और मुख्य सब्जी मंडी की सूरत बिगड़ चुकी है। कॉलेज की दीवार से सटाकर बनाया गया नगर पालिका का कूड़ाघर अब कचरे के पहाड़ में तब्दील हो गया है। सड़ा-गला कचरा, सब्जियों के अवशेष और पॉलिथीन सड़क की इंटरलॉकिंग तक फैले हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।
5 मीटर की दूरी पर छात्राओं को झेलनी पड़ रही बदबू
कॉलेज के मुख्य गेट से महज 5 मीटर की दूरी पर यह कूड़ाघर स्थित है। सैकड़ों छात्राओं को रोजाना इसी कूड़े के ढेर और असहनीय बदबू के बीच से गुजरकर कॉलेज आना-जाना पड़ता है। बरसात में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब कचरे का गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है।
मंडी में भी वही हाल – गंदगी में कारोबार
सब्जी मंडी में आने वाले ग्राहकों और फुटकर विक्रेताओं को भी इसी गंदगी में बैठकर कारोबार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। चारों तरफ फैली गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू-मलेरिया को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है, वहीं नगर पालिका खुद मच्छरों को न्योता दे रही है।
स्थानीय लोगों और छात्राओं के अभिभावकों ने बताया कि इस संबंध में कई बार नगर पालिका परिषद लखीमपुर को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने जिलाधिकारी से कूड़ाघर को तत्काल यहां से हटाने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।




