बाढ़ के तेज बहाव के बीच 60 श्रद्धालुओं के लिए ‘देवदूत’ बने PAC जवान
मां शाकुंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में तीन घंटे चला साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन, मोटर बोट से एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को पहुंचाया सुरक्षित स्थान
सहारनपुर/मेरठ। मां शाकुंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में पहाड़ी नदी में अचानक आई बाढ़ के बीच 44वीं वाहिनी पीएसी, मेरठ के बाढ़ राहत दल ने अदम्य साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए 60 श्रद्धालुओं को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। तेज बहाव और लगातार चुनौतीपूर्ण होती परिस्थितियों के बीच करीब तीन घंटे तक चले इस साहसिक अभियान में पीएसी जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मानव जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
जनपद सहारनपुर के थाना मिर्जापुर क्षेत्र स्थित मां शाकुंभरी देवी मंदिर में 44वीं वाहिनी पीएसी, मेरठ का डेढ़ सेक्शन बाढ़ राहत दल पहले से ही रेस्क्यू ड्यूटी पर तैनात था। 31 अगस्त 2026 को मंदिर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली पहाड़ी नदी में अचानक बाढ़ आने से आसपास मौजूद कई श्रद्धालु पानी के तेज बहाव के बीच फंस गए। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बाढ़ राहत दल ने बिना समय गंवाए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने मोटर बोट के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। तेज बहाव, गहराई और लगातार बदलती परिस्थितियों के बावजूद राहत दल ने अत्यंत सावधानी और साहस के साथ एक-एक कर कुल 60 श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू अभियान के दौरान जवानों ने स्थानीय प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखा और प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में जवानों की सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और टीमवर्क के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जान जोखिम में डालकर निभाया फर्ज
बाढ़ के तेज बहाव और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच पीएसी जवानों का यह अभियान उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण का उदाहरण बन गया। राहत दल के जवानों ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना पूरी जिम्मेदारी के साथ रेस्क्यू कार्य को अंजाम दिया। संकट की घड़ी में जिस तत्परता के साथ जवानों ने मोर्चा संभाला, उससे श्रद्धालुओं के बीच भी भरोसा कायम हुआ। रेस्क्यू ऑपरेशन के सफल समापन के बाद 44वीं वाहिनी पीएसी के अधिकारियों ने अभियान में शामिल जवानों का उत्साहवर्धन किया। उनके साहसिक एवं सराहनीय कार्य के लिए नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इन जवानों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
रेस्क्यू अभियान में पीसी आशीष कुमार, मुख्य आरक्षी जगबीर (52136), आरक्षी विश्वजीत (53402), आरक्षी मंजीत (52675), आरक्षी आशीष (53101), आरक्षी आशीष (52567) एवं आरक्षी सुरेश (53203) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
44वीं वाहिनी पीएसी, मेरठ के बाढ़ राहत दल की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा की घड़ी में पीएसी के जवान केवल कानून-व्यवस्था के प्रहरी ही नहीं, बल्कि मानव जीवन के रक्षक बनकर भी पूरी मुस्तैदी से मैदान में उतरते हैं। 60 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर जवानों ने कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मानवीय सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की।




