राखी के धागों में सजा अमरपाल शर्मा का आत्मीय रिश्ता
खोड़ा में माताओं-बहनों ने बांधी राखी, पूर्व विधायक बोले—आपका स्नेह और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत
गाजियाबाद। राखी के पावन धागों ने एक बार फिर रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनत्व के रंग भर दिए। रक्षाबंधन के अवसर पर साहिबाबाद विधानसभा के पूर्व विधायक पंडित अमरपाल शर्मा ने खोड़ा की माताओं और बहनों के बीच पहुंचकर पर्व की खुशियां साझा कीं। बहनों ने जब उनकी कलाई पर राखी बांधी तो माहौल आत्मीयता, अपनत्व और भावनाओं से सराबोर हो उठा।
राखी के हर धागे में जैसे विश्वास की एक नई कहानी बुनी जा रही थी और हर बहन के चेहरे की मुस्कान इस रिश्ते की गहराई बयां कर रही थी। पंडित अमरपाल शर्मा ने भी इस स्नेह को केवल पर्व की औपचारिकता नहीं, बल्कि वर्षों से चले आ रहे आत्मीय रिश्ते की अभिव्यक्ति बताया। इस दौरान उन्होंने माताओं और बहनों के साथ खुलकर संवाद किया तथा उनकी तीर्थयात्रा की इच्छाओं, आय बढ़ाने के अवसरों, रोजगार से जुड़े विषयों, शादी-विवाह की चिंताओं और रोजमर्रा की कई गंभीर समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों के सुख-दुख में सहभागी बनना उनके लिए राजनीति से कहीं बढ़कर रिश्ते और जिम्मेदारी का विषय है। पंडित अमरपाल शर्मा ने कहा कि “माताओं और बहनों का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। राखी का यह धागा केवल कलाई पर नहीं बंधता, बल्कि दिलों को जोड़ता है और जिम्मेदारियों का एहसास कराता है।”
खोड़ा में रक्षाबंधन के इस भावुक और खुशनुमा माहौल ने एक बार फिर अमरपाल शर्मा के साथ महिलाओं के आत्मीय जुड़ाव को सामने ला दिया। लंबे समय से माताओं और बहनों के बीच उनकी सक्रियता और सहज संवाद की चर्चा क्षेत्र में होती रही है। यही वजह है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर क्षेत्र की राजनीतिक चर्चाओं में उनके नाम को लेकर भी हलचल दिखाई देने लगी है। समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच यह उम्मीद सुनाई दे रही है कि पंडित अमरपाल शर्मा एक बार फिर साहिबाबाद का प्रतिनिधित्व करें।
रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्नेह के धागे, विश्वास की गांठ और भविष्य की उम्मीदों का खूबसूरत संगम बन गया। पंडित अमरपाल शर्मा ने अंत में सभी माताओं और बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
हैप्पी रक्षाबंधन!
रिश्तों का यह पवित्र धागा यूं ही प्रेम, विश्वास और अपनत्व से मजबूत होता रहे।




