बरेली के रक्षित की ऊंची उड़ान, अंतरिक्ष तकनीक में रचा इतिहास
आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों के साथ मिलकर खड़ी की ‘गैलेक्सआई’, पृथ्वी की निगरानी के लिए विकसित की अत्याधुनिक तकनीक
बरेली। नाथनगरी बरेली के होनहार रक्षित भट्ट ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। रामपुर गार्डन निवासी रक्षित भट्ट उस टीम का हिस्सा हैं, जिसने स्पेस टेक स्टार्टअप ‘गैलेक्सआई’ के जरिए पृथ्वी की निगरानी के लिए अत्याधुनिक उपग्रह तकनीक विकसित की है। कंपनी की उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी टीम से बातचीत कर उन्हें बधाई दे चुके हैं।
रक्षित भट्ट ने आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों के साथ मिलकर वर्ष 2021 में गैलेक्सआई की शुरुआत की थी। संस्थापक टीम में रक्षित के अलावा सुयश सिंह, डेनिल चावड़ा, किशन ठक्कर और प्रणित मेहता शामिल हैं। टीम ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया और कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई।
रडार और ऑप्टिकल तकनीक का संगम
गैलेक्सआई की तकनीक की खासियत यह है कि इसमें रडार और ऑप्टिकल इमेजिंग क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करने की दिशा में काम किया गया है। इसका उद्देश्य बादलों और खराब मौसम जैसी परिस्थितियों में भी पृथ्वी की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है। यह तकनीक पृथ्वी की सतह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने में उपयोगी साबित हो सकती है।
गैलेक्सआई ने अपना पहला उपग्रह ‘ऑप्टोसार’ लॉन्च कर अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। उपग्रह को कैलिफोर्निया स्थित वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। मिशन की सफलता ने गैलेक्सआई को राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मिशन दृष्टि की सफलता पर गैलेक्सआई की टीम को बधाई दी। उनके पिता मुकुल भट्ट रामपुर गार्डन में फोटोस्टेट की दुकान चलाते हैं।
उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी। उनके बेटे और बेटी दोनों इंजीनियर हैं। बेटे रक्षित ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल कर न केवल परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि बरेली और अपने पैतृक क्षेत्र उत्तराखंड का गौरव भी बढ़ाया है।




