55,489 लखपति दीदियों को अब करोड़पति बनाने की तैयारी
प्रशासन ने बनाई कार्ययोजना
बरेली। जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। अब लखपति दीदियों को करोड़पति बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए जिले में अब तक 55,489 संभावित लखपति दीदियों को चिह्नित किया जा चुका है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल महिलाओं को लखपति बनाना नहीं, बल्कि उनकी आय में निरंतर वृद्धि करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से और मजबूत बनाना है।
डिप्टी कमिश्नर एनआरएलएम ने बताया कि लखपति महिला कार्यक्रम के तहत जिले की 1,23,762 स्वयं सहायता समूह सदस्य महिलाओं की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका के साथ महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जाएगी।
चिह्नित महिलाओं के लिए नवाचार आधारित आजीविका मॉडल विकसित किए जाएंगे। साथ ही समूह की सखियों और सेक्टर अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए स्वयं सहायता समूहों के गठन के लिए जिले को 26,883 समूहों का लक्ष्य मिला है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
डीएम ने सभी बीडीओ को मासिक कार्ययोजना तैयार करने और सचिवों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। डिप्टी कमिश्नर एनआरएलएम को बीडीओ के कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पंचायत सहायक, कोटेदार, सचिव और एडीओ को भी आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खोलने में आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। भदपुरा और मीरगंज में लंबित बैंक खाता संबंधी मामलों को बीडीओ और बैंक प्रतिनिधियों के समन्वय से निस्तारित कराने के निर्देश दिए गए। ब्लॉक स्तर पर बैंकिंग संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए शिविर आयोजित करने को भी कहा गया।
प्रशासन का मानना है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बेहतर प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, बैंकिंग सुविधा और बाजार उपलब्ध कराने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।




