जब मदद पहुंची घर की दहलीज तक
रेड क्रॉस का ‘दस्तक अभियान’ शुरू, चार निराश्रित महिलाओं से हुई सेवा की नई पहल
गाजियाबाद। किसी जरूरतमंद तक मदद पहुंचाना सेवा है, लेकिन उसकी जरूरत को महसूस कर उसके घर की दहलीज तक पहुंचना संवेदना की वह तस्वीर है, जो समाज में भरोसा पैदा करती है। इसी मानवीय सोच के साथ भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी गाजियाबाद ने ‘दस्तक अभियान’ की शुरुआत की है। अभियान के पहले चरण में चार निराश्रित महिलाओं के घर पहुंचकर उन्हें खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
रेड क्रॉस की यह पहल महज खाद्य सामग्री वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन महिलाओं तक पहुंचने का प्रयास है, जो जीवन की कठिन परिस्थितियों के बीच अपने स्तर पर संघर्ष कर रही हैं। अभियान के माध्यम से संस्था जरूरतमंद महिलाओं की वास्तविक स्थिति को करीब से समझने और आवश्यकता के अनुरूप सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सेवा का रास्ता दहलीज से होकर
रेड क्रॉस गाजियाबाद के निवर्तमान सभापति सुभाष गुप्ता ने कहा कि संस्था का प्रयास हमेशा यही रहा है कि सेवा केवल आयोजन या वितरण तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ‘दस्तक अभियान’ इसी भावना का हिस्सा है, जिसके तहत निराश्रित महिलाओं तक पहुंचकर उनके जीवन में राहत और सहयोग की छोटी-सी किरण लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘एक कदम अच्छाई की ओर’ की भावना के साथ रेड क्रॉस गाजियाबाद लगातार सेवा कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। बेहतर स्वास्थ्य और जरूरतमंदों के सम्मानजनक जीवन के लिए संस्था भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारी निभाती रहेगी।
चार महिलाओं से शुरुआत, आगे बढ़ेगा कारवां
प्रयोगात्मक तौर पर शुरू किए गए इस अभियान में फिलहाल चार निराश्रित महिलाओं को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है। यह शुरुआत संख्या में भले छोटी हो, लेकिन उद्देश्य के लिहाज से इसे एक बड़े सेवा अभियान की नींव माना जा रहा है। अभियान से मिले अनुभवों के आधार पर आगे इसकी पहुंच को और विस्तारित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाई जा सके। रेड क्रॉस की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सेवा का सबसे सुंदर रूप वही है, जिसमें मदद जरूरतमंद के पास स्वयं पहुंचती है। ‘दस्तक अभियान’ के जरिए रेड क्रॉस ने इसी मानवीय सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में एक संवेदनशील कदम बढ़ाया है।




