राहत : गंगा का जलस्तर घटा, धारा की तेजी भी हुई कम
तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखे है सिंचाई विभाग
बिजनौर, संवाददाता। गंगा के जलस्तर में कमी आने के साथ ही रावली तटबंध पर नदी की धारा का दबाव भी कुछ कम हुआ है। तटबंध से टकराने वाली गंगा की तेज धारा में कमी आने से सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल रावली तटबंध पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है। हालांकि तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पिछले दो दिनों से गंगा में लगातार बढ़े जलप्रवाह के कारण रावली तटबंध पर नदी की धारा सीधे टकरा रही थी। तेज बहाव के चलते तटबंध पर लगातार दबाव बना हुआ था। कई स्थानों पर तटबंध के बैठने और कटान की स्थिति सामने आने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई थी। विभाग की टीमें मौके पर निगरानी कर रही थीं।
शनिवार को गंगा के जलस्तर में कमी आने के साथ ही नदी की धारा की तेजी भी कुछ कम हुई। इससे तटबंध पर पड़ने वाला दबाव घटा है। धारा के कमजोर पड़ने से अधिकारियों ने फिलहाल राहत महसूस की है।
विभागीय अधिकारी जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रखे हुए हैं। तटबंध की सुरक्षा को लेकर कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल जलस्तर में आई कमी और धारा की तेजी घटने से प्रशासन और सिंचाई विभाग ने राहत की सांस ली है।
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तटबंध को बताया सुरक्षित
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कर्ण पाल के अनुसार रावली तटबंध को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। तटबंध के कमजोर हिस्सों और नदी की धारा के प्रभाव वाले स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में तटबंध सुरक्षित और मजबूत है। किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने की तैयारी है।
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पानी बढ़ने पर फिर बढ़ सकता है दबाव
हालांकि गंगा का जलस्तर घटने से स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन सिंचाई विभाग इसे स्थायी राहत नहीं मान रहा है। पहाड़ों और गंगा के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश होने या बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ सकता है। ऐसे में रावली तटबंध पर गंगा की धारा का दबाव भी फिर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।




