वर्टिकल सिस्टम से बिजली बिलों में गड़बड़ी, उपभोक्ताओं की क्यों बढ़ी टेंशन?
वर्टिकल सिस्टम से बिजली बिलों में गड़बड़ी, उपभोक्ताओं की क्यों बढ़ी टेंशन?

विद्युत निगम द्वारा वर्टिकल सिस्टम लागू किए जाने के बाद उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। खासकर बिजली बिलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
शहर के विभिन्न इलाकों से उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिल आने, समय पर बिल न बनने और शिकायतों के निस्तारण में देरी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
महिंद्रा एनक्लेव निवासी प्रमोद शर्मा ने बताया कि वर्टिकल सिस्टम लागू होने से पहले जहां उनका बिजली बिल औसतन एक हजार रुपये तक आता था, वहीं अब अचानक आठ से दस हजार रुपये तक का बिल भेजा जा रहा है।
बढ़े हुए बिलों को देखकर उपभोक्ता हैरान हैं और विद्युत निगम के दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वर्टिकल सिस्टम लागू होने के बाद अब बिल संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को कविनगर स्थित स्कोडा सेंटर पर बने नए कार्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि पहले स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान हो जाता था, लेकिन वर्टिकल सिस्टम के बाद व्यवस्था और जटिल हो गई है।
उधर, पंचवटी कॉलोनी निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि दो महीने पहले घर पर स्मार्ट मीटर लगाया गया था। दो महीने बाद अब तक बिजली का बिल नहीं आया है। दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी समस्या का
समाधान नहीं हो रहा है।



