Breaking Newsराष्ट्रीय

भरपूर प्रचार के बावजूद सार्वजनिक स्थलों पर मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं लोग

न अपनी फिक्र है और न ही दूसरों की जिंदगी की चिंता

image_pdf

कोरोनावायरस ने भारत में इस वर्ष के पहले माह जनवरी में ही दस्तक दे दी थी लेकिन हमारी सरकारें इस मुद्दे को बहुत हल्का समझती रही या फिर अपने राजनीतिक सरोकारों के चलते इस पर कदम नहीं उठाया। कोरोनावायरस का संक्रमण जब बढ़ता चला गया तब 24 मार्च को संपूर्ण देश को लाक डाउन करने का फैसला किया गया था। इसके बाद कई माह तक जिंदगी थमी रही और जून में आकर अनलाक शुरू हुआ और केंद्र में राज्य सरकारों की गाइड लाइन के अनुसार जिंदगी नए सिरे से शुरू हुई। गाइड लाइन के अनुसार घरों से बाहर निकलने वाले लोगों के लिए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मुंह और नाक को मास्क से अथवा गमछे से ढक कर चलना अत्यंत आवश्यक है। महामारी अधिनियम के अनुरूप यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क के घर से बाहर निकल कर सार्वजनिक स्थान पर मिलता है तो उस पर भारी भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकारों द्वारा इस बात का बराबर प्रचार किया जा रहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क कितना आवश्यक है। इसके बावजूद हम भारतीय कितने लापरवाह हैं इसका पता सड़क और बाजारों पर चलता है। सड़कों पर पैदल अथवा अन्य वाहनों में चलने वाले लोगों में से लगभग 50 प्रतिशत ऐसे हैं जो मास्क का प्रयोग ही नहीं करते। यहां तक की भीड़ भरे बाजारों में दुकानदारों को भी दुकान पर बिना मास्क लगाए बैठे देखा जा सकता है। सरकारों के भरपूर प्रचार के बावजूद यदि लोग सार्वजनिक स्थल पर मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं तो उनके बारे में यही कहा जा सकता है कि न तो उन्हें अपनी जिंदगी की चिंता है और न ही बाकी लोगों के जीवन का फिक्र है। बिना मास्क लगाए सार्वजनिक स्थलों पर घूमने वाले लोगों के बारे में यह भी कहा जा सकता है कि आमतौर पर आदत से ही भारतीय नागरिक नियम और कानून तोड़ने में अपनी शान मानते हैं। यह बात यातायात नियमों पर भी देखी जा सकती है। सड़कों पर चलने वाले वाहन चालक यातायात नियमों का पालन लगभग नहीं करते हैं। बहुत कम लोग ऐसे हैं जो सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों के अनुरूप चलते हैं। फिलहाल सड़कों पर मारामारी की हालत है जिसे देखकर लगता है कि भारत में कहीं भी कोरोनावायरस का असर नहीं है। यह अलग बात है कि जब लोग वायरस की चपेट में आते हैं तब उन्हें पता चलता है कि वह कितनी गलती कर रहे थे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close