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गाजियाबाद : अबूझ पहेली बन गया है विक्रम त्यागी की गुमशुदगी का मामला

गाजियाबाद : अबूझ पहेली बन गया है विक्रम त्यागी की गुमशुदगी का मामला

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गाजियाबाद। युवा बिल्डर विक्रम त्यागी की गुमशुदगी को पौने 2 महीने का समय बीत चुका है लेकिन आज भी विक्रम त्यागी की गुमशुदगी अबूझ पहेली बनी हुई है। विक्रम त्यागी का मामला रहस्य के कुहासे में घिरा है जिस रहस्य का अनावरण करने में गाजियाबाद पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
गौरतलब है कि महानगर के प्रमुख बिल्डर संजय त्यागी के भतीजे विक्रम त्यागी गत 26 जून को अपने पटेल नगर स्थित कार्यालय से राजनगर एक्सटेंशन स्थित आवास के लिए कार द्वारा निकले थे। विक्रम त्यागी रहस्यमय ढंग से उस समय गायब हो गए जब वे वहां तक पहुंच चुके थे जिस सोसाइटी में उनका आवास है। परिजनों द्वारा विक्रम त्यागी की गुमशुदगी की रिपोर्ट सिहानी गेट थाने में दर्ज कर किए जाने के बाद उनकी कार मुजफ्फरनगर जनपद के कुछ भी तितावी थाना क्षेत्र में बरामद हुई। कार की पिछली सीट पर भारी मात्रा में खून मिला था जिसका डीएनए टेस्ट कराए जाने पर पता चला कि वह खून विक्रम त्यागी का था।
पिछले दिनों विक्रम त्यागी के परिजनों में उस सोसाइटी के सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरें सोशल मीडिया में डाली थी जहां विक्रम त्यागी का परिवार रहता है। तस्वीरें उस शाम की है जिस शाम वह गायब हुए थे। तस्वीरों में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे रहा है लेकिन पुलिस इस मामले में आज भी खाली हाथ है। समय गुजरने के साथ विक्रम त्यागी की गुमशुदगी अबूझ पहेली बनती जा रही है। इस मामले में अनेक सामाजिक संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया था जिन्हें पुलिस प्रशासन ने सांत्वना की गोली देकर चुप करा दिया। 2 दिन पूर्व बिल्डर एसोसिएशन ने एक ज्ञापन देकर मांग की है कि विक्रम त्यागी की गुमशुदगी की जांच सीबीआई से कराई जाए। जैसे जैसे समय गुजर रहा है वैसे वैसे पुलिस की जांच भी ढीली पड़ रही है। दूसरी तरफ परिजनों को आज भी इंतजार है कि कहीं से कोई सुखद खबर मिले।

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