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मां के एक फैसले ने बदल दी थी नए नगर आयुक्त की जिंदगी

मां के एक फैसले ने बदल दी थी नए नगर आयुक्त की जिंदगी

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गाजियाबाद। 2015 बैच के आईएएस महेंद्र सिंह तंवर गाजियाबाद के नए नगर आयुक्त बनाए गए हैं।
महेंद्र सिंह तंवर अपनी पूरी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हैं। उनका कहना है कि यदि मेरी मां मुझे बाल विवाह से नए बचाती तो आज मैं शायद आईएएस नहीं होता। मेरी मां अनपढ़ थी लेकिन परवरिश में उन्होंने इसका कभी एहसास नहीं होने दिया। उनका कहना है कि मां मुझे सुबह 4:00 बजे जगा कर पढ़ने के लिए बिठा देती थी उसके बाद पशुओं का चारा खिलाने और खेत का काम करती थी। अशिक्षित होने के बावजूद वह मेरा होमवर्क देखती थी। उनका कहना है कि दुनिया में माही वह शख्स है जो बच्चों से निस्वार्थ प्यार करती है।
हरियाणा में रोहतक जिले के
कहानौर गांव निवासी महेंद्र सिंह तंवर के पिता ओमप्रकाश सिंह खोज में थे। चाचा और चाची की मृत्यु के कारण मां गिन्दोडी के ऊपर परिवार की जिम्मेदारी थी। श्री तंवर ने बताया कि जब उन्होंने सरकारी स्कूल में कक्षा 5 में टॉप किया था तो मां ने कहा था कि तू डीसी बन सकता है। मां के विश्वास व प्रोत्साहन से मैंने कड़ी मेहनत शुरू की जिसका परिणाम यह निकला कि मैं लगातार पढ़ाई में आगे निकलता चला गया। उनका कहना है कि कक्षा 6 की पढ़ाई के दौरान जब मेरी उम्र 10 वर्ष थी तब उनके परिवार का शादी करने के लिए दबाव था। परिवार के दबाव में उनके फौजी पिता भी शादी के लिए तैयार हो गए लेकिन मां बाल विवाह की कुरीति के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई। उस समय उन्होंने मुझे शादी से बचा लिया। तब यदि यह शादी हो गई होती तो मैं आई ए एस नहीं बन पाता। महेंद्र सिंह तंवर ने इंटर में टॉप करने के बाद टैक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। 2009 से 2011 तक प्राइवेट नौकरी की। इसके बाद भी 3 साल रक्षा मंत्रालय में भी रहे और 2015 में रेलवे में इंजीनियर हो गए। मां का सपना पूरा करने के लिए 2015 में उन्होंने आईएएस की परीक्षा पास की। गाजियाबाद में नगर आयुक्त बनने से पूर्व वह शाहजहांपुर में सीडीओ के पद पर तैनात थे। इससे पूर्व सबसे पहली तैनाती उनकी एटा जिले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में हुई थी।

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