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गाजियाबाद : जिले में बदमाशों का आतंक

गाजियाबाद : जिले में बदमाशों का आतंक

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कोरोना संक्रमण के चलते रात 9:00 बजे के बाद घर से बाहर अनावश्यक निकलने वाले लोगों पर न केवल पुलिस निरोधात्मक कार्रवाई करती है बल्कि जुर्माना भी लगाती है। लगता है पुलिस की यह सभी कार्रवाई केवल उन लोगों के लिए है जिनके मस्तिष्क में थोड़ा बहुत कानून और पुलिस का डर है। दूसरी तरफ असामाजिक तत्व और बदमाश खुले तौर पर अपना तांडव करते घूम रहे हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह में एक ही दिन में कवि नगर थाना क्षेत्र में 1 दर्जन से अधिक दुकानों के ताले टूटे थे। 16 अगस्त की रात्रि में साहिबाबाद थाना क्षेत्र में बदमाशों ने शराब के ठेके से बड़ी संख्या में बोतलें चुराई जबकि दूसरे ठेके का शटर तोड़ने का प्रयास किया जिसमें वे सफल नहीं हो पाए। बड़ी वारदात मुरादनगर थाना क्षेत्र में दिल्ली मेरठ मार्ग पर हुई है जहां लगभग 1:00 बजे बदमाशों ने पेट्रोल पंप के गार्ड को गोली मारकर उसकी बंदूक लूट ली। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वारदात उस हाईवे पर हुई है जिस पर पुलिस की गश्त रहती है। सैंथली गांव को जाने के लिए रास्ते के दाएं तरफ इलाहाबाद बैंक की शाखा है और दूसरी तरफ पेट्रोल पंप है। गांव के रास्ते पर अक्सर पुलिस की एक गाड़ी खड़ी रहती है। इसके बावजूद बदमाश गार्ड को गोली मारकर उसकी बंदूक लूट ले गए। बड़ा सवाल यह है कि मोटरसाइकिल पर सवार बदमाश घूमते रहे और पुलिस को जानकारी भी नहीं मिल सकी। बंदूक लूटने के बाद बदमाशों के पास बंदूक भी रही होगी और वह रात में उसी बंदूक के साथ निकल भी गए। जिस तरह बंदूक लेकर बदमाश निकले हैं उससे यह भी साबित होता है कि बदमाश आसपास के किसी गांव के हैं और वह गांव के अंदरूनी रास्तों से ही फरार होने में कामयाब रहे। एक तरफ पुलिस 8 बजे से पहले ही दुकानदारों को दुकान बंद करने के लिए हड़काने लगती है दूसरी तरफ बदमाशअपराधिक वारदातों को अंजाम देकर देते हुए पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। यह हाल तब है जबकि पुलिस अधिकारी लगातार दावा कर रहे हैं कि अपराधियों पर खड़ा अंकुश लगाया जा रहा है। प्रतिदिन बदमाशों की गिरफ्तारी की सूचना दी जाती है। पुलिस द्वारा यदि बदमाश गिरफ्तार किए जा रहे हैं फिर अपराधिक वारदात करने वाले कौन हैं और कहां से आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस के सामने गार्ड को गोली मारकर बंदूक लूटने वाले बदमाशों का पता लगाने की बड़ी चुनौती है।

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