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भाजपा कार्यकर्ताओं में तड़प रहा है नेतृत्व के प्रति आक्रोश

भाजपा कार्यकर्ताओं में तड़प रहा है नेतृत्व के प्रति आक्रोश

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गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी देश की आजादी के बाद पहली बार अपने दम पर संसद में पूर्ण बहुमत लेकर सत्ता में आई है। पार्टी को केंद्र में सत्तारूढ़ होते देखकर भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश और हर्ष का जबरदस्त माहौल था। समय गुजरने के साथ साथ कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा होने लगा है।
कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा होने का सबसे बड़ा कारण अफसरशाही की निरंकुशता है। पुलिस से लेकर प्रशासन तक मैं बैठे अधिकारी किसी की कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं है। कोरोनावायरस संक्रमण के बाद लॉकडाउन लगने के साथ ही अफसरशाही एकदम बेलगाम हो गई है। खुलकर पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं है लेकिन आपसी बातचीत में कहने लगे हैं कि पार्टी के किसी भी आदमी का कोई काम नहीं होता। यहां तक कि विधायक भी पार्टी कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुन रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को किस तरह झुनझुना थमाया जा रहा है यह मुराद नगर नगर पालिका में वरिष्ठ नेताओं को थोड़ी से कार्यकाल के लिए सौंपे गए नामित सभासद का मामला है। नामित सभासद बनाई गई कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेताओं के प्रति नाराजगी दिखाते हुए शपथ ग्रहण नहीं की है। इसके अलावा मुरादनगर में ही पार्टी ने पालिका परिषद के चुनाव में चेयरमैन के लिए स्थानीय आदमी की जगह गाजियाबाद से मुरादनगर की जनता पर चेयरमैन उम्मीदवार थोपकर जो काम किया था आज उसे वहां की जनता भुगत रही है। विकास कार्य न होने से जनता के बीच जो गुस्सा पनप रहा है उसे स्थानीय कार्यकर्ताओं को झेलना पड़ता है।
गाजियाबाद की भी यही हालत है। भाजपा कार्यकर्ता लगातार अपने काम न होने की शिकायत कर रहे हैं। यहां भी हालत वही है कार्यकर्ता खुलकर कुछ भी नहीं कह पा रहे हैं। गाजियाबाद सदर के विधायक प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं और गाजियाबाद की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरी हुई है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग के चारों तरफ कार्यकर्ताओं का जो घेरा है वही तक सिमटे हुए हैं। अतुल गांव से लोगों को काफी उम्मीद थी लेकिन वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। बहुत सादे स्वभाव के मालिक साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा अपने क्षेत्र में अभी तक कोई भी उल्लेखनीय कार्य कराने में सफल नहीं हुए हैं। लोनी विधायक विवादित बयानों में उलझ कर अपने आप को हर समय सुर्खियों में बनाए रहते हैं। सड़क जैसे कुछ निर्माण कार्यों को छोड़कर उनके खाते में भी कोई बड़ा काम नहीं है। यही हालत मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी और मोदीनगर विधायक डॉ मंजू शिवाच की है। फिलहाल लॉकडाउन के नाम पर सभी अपना मुंह सिले बैठे हैं। हालांकि भाजपा को अनुशासित पार्टी माना जाता था लेकिन अब वह तमगा भी पार्टी से छिन चुका है।

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