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गाजियाबाद में बदमाश बेखौफ, पुलिस का डंडा केवल दोपहिया वाहनों के चालान तक सिमटा

बिल्डर विक्रम त्यागी का सुराग नहीं, पत्रकार विक्रम जोशी पर जानलेवा हमला

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गाजियाबाद। देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अपराधी बेखौफ होकर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं जबकि पुलिस का डंडा केवल दो पहिया वाहन चालकों का चालान करने पर चल रहा है। आम आदमियों में अब यह बात उठने लगी है कि गाजियाबाद पुलिस का बदमाशों पर नियंत्रण नहीं है।
जिले में जहां एक तरफ आम आदमी के अंदर कोरोनावायरस के संक्रमण का भय है वही बदमाश बेखौफ होकर अपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। बदमाशों पर शिकंजा कसने में गाजियाबाद पुलिस की नाकामी साफ दिखाई देने लगी है। अनेक तरह के आधुनिक हथियारों और वैज्ञानिक शोध से सुसज्जित पुलिस गंभीर अपराधों को समझाने में नाकाम साबित हो रही है। साइबर क्राइम के मामलों को समझाने में पुलिस पूरी तरह विफल है। बिल्डर विक्रम त्यागी गत 26 जून को अपने राजनगर एक्सटेंशन स्थित आवास के पास से लापता हुए थे जिनका आज तक किसी भी तरह का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। विक्रम त्यागी के मामले में साबित किया है कि पुलिस की सभी तरह के दावे एकदम खोखले हैं।
बीती रात एक स्थानीय अखबार से जुड़े पत्रकार विक्रम जोशी पर जिस तरह बदमाशों ने हमला किया है उससे जाहिर है कि बदमाशों के अंदर पुलिस का कोई शौक नहीं है। इस मामले में प्रथम दृष्टया पुलिस की लापरवाही पूरी तरह सामने आ रही है। इसके अलावा महानगर में चोरी की वारदात तेजी के साथ बढ़ रही है। किसी भी वारदात को खोलने में पुलिस सफल नहीं हो रही है। यह स्थिति तब है जबकि गाजियाबाद में अब तक अनेक बदमाशों को मुठभेड़ में गोली मारकर जेल के सीखचों में पहुंचाया जा चुका है।

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