Breaking Newsराष्ट्रीय

पिता के अपमान का बदला लेने के लिए कूदा था अपराध की दुनिया में विकास दुबे

पिता के अपमान का बदला लेने के लिए कूदा था अपराध की दुनिया में विकास दुबे

image_pdf

कानपुर के गाँव बिकरू में हुई मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों के मारे जाने के बाद विकास दुबे खौफ का दूसरा नाम बन गया है ।आज पाँच लाख के इनामी विकास दुबे ने वर्ष 1990 में पिता के अपमान का बदला लेने के लिए नवादा गाँव के किसानों को पीटा था ।यही से उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा।इसके बाद ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र में पिछड़ो की हनक कम करने के लिए उसे पूर्व विधायक नेकचन्द्र पाण्डे का समर्थन मिला।विकास दुबे ने पहला मर्डर इंटर कालेज के प्रबंधक सिद्धेश्वर पाण्डे ने किया।विकास दुबे का खौफ शुरू हुआ जब 2001में शिवली थाने में घुसकर दर्जा राज्य मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या थाने में घुसकर की।इसी के बाद विकास दुबे के नाम पर क्षेत्र में वोट गिरने शुरू हो गये और इसी के चलते लल्लन वाजपेयी से दुश्मनी शुरु हुई।इसके बाद शिवली व क्षेत्र में वसूली से विकास की हनक बढ़ती चली गई ।राजनीतिक संरक्षण से वह जिला पंचायत सदस्य बना और आस पास के तीन गाँवों में उसके परिवार की प्रधानी हो गयी।इसके बाद विकास के खिलाफ एक के बाद एक 60 मुकदमे गंभीर धाराओं में दर्ज हो गये जिसमें गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई भी हुई।2017 में एस टी एफ ने उसे गिरफ्तार किया था लेकिन वह फरार हो गया ।अब जिस मुठभेड़ को लेकर विकास चर्चित है उसके बाद वह घर के पीछे के रास्ते से पैदल ही फरार हुआ ।अब पता चल रहा है कि दबिश से पहले ही चौबेपुर थाने से विकास के पास सारा पता चल गया था।विकास ने योजना के साथ जेसीबी खड़ी कर पुलिस की घेराबंदी की थी ।मुठभेड़ के बाद विकास कई किलोमीटर पैदल भागा।फिर एक साइकल से शिवली और वहाँ से बाइक लेकर चंदौली पहुँचा।यहाँ से उसने कई फोन किए और कार का प्रबंध कर हरियाणा भाग निकला।भागने के लिए उसने सुनसान रास्तों को चुना ।फरीदाबाद पहुँचकर उसने तीन खास लोगों से हथियार लिए और वहाँ से मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुँचा।विकास की फरारी में सबसे बड़ा लाभ पहुँचाया मास्क ने जिसकी आड़ में वह फरार हुआ।इस बीच उसके शुभचिन्तको ने महाकाल मंदिर में विकास की कथित गिरफ्तारी की पूरी तैयारी कर ली।तयशुदा पटकथा के आधार पर ही आज विकास दुबे ने सरेंडर किया ।सही मायनों में राजनीति का असली खेल अब शुरू होना है जो विकास का भविष्य तय करेगा ।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close