Breaking Newsउत्तर प्रदेशराष्ट्रीय

दुर्दांत अपराधियों का दुस्साहस !

दुर्दांत अपराधियों का दुस्साहस !

image_pdf

कोरोनावायरस के संकट के चलते देश गत 21 मार्च से लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है। लॉकडाउन के दौरान सभी तरह की गतिविधियां ठप हो गई थी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को शासन ने असीमित अधिकार दिए थे। यहां तक की पुलिस कर्मियों को कोरोना योद्धा के नाम से पुकारा गया। लॉकडाउन अवधि के दौरान एक तरह का कर्फ्यू लागू था जिस कारण अपराधिक गतिविधियां भी लगभग बंद थी। अपराधी भी लॉकडाउन के कारण एक तरह से बेबस हो गए थे यह मानना आज उस समय गलत निकला जब एक दुर्दांत अपराधी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पुलिस टीम पर हमला बोल दिया जो उसके घर दबिश देने गई थी। अपराधी कितनी तैयारी के साथ मौजूद थे यह जीवित रह गए पुलिस कर्मियों के बयान से पता चल रहा है। अपराधियों के सरगना विकास दुबे के मकान में उस समय 50 के लगभग लोग मौजूद बताए जाते हैं जब पुलिस वहां पहुंची थी। इसका सीधा अर्थ है पुलिस में ही कोई काली भेड़ मौजूद थी जिसने पुलिस की संभावित कार्रवाई की पूरी सूचना विकास दुबे तक पहुंचाई। हमारी पूरी संवेदना शहीद हो गए जांबाज पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के साथ है। साथ ही घायल पुलिसकर्मियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी हम कामना करते हैं। लेकिन प्रश्न उठता है कि वर्तमान सरकार में पुलिस कार्यप्रणाली इस हद तक खोखली हो गई है कि कोई अपराधी खुलकर खतरनाक हथियार से पुलिस पार्टी पर खुलेआम गोलीबारी करने का दुस्साहस कर सके। लाख दावों के बावजूद कड़वी सच्चाई यह है कि प्रदेश में संगठित अपराधियों का गिरोह एक बार फिर सिर उठा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का हिस्सा लंबे समय तक।। संगठित अपराधियों का शरण स्थली रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पूर्वांचल में फिर संगठित अपराध पनप रहे हैं। सीओ स्तर के एक अधिकारी समेत एक साथ 8 पुलिसकर्मियों के शहीद होने का मामला फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस पर कलंक है और पुलिस के लिए चुनौती है कि वह अपराधियों से निपटें। पुलिस ने वैसे तो तेजी के साथ कदम उठाते हुए अपराधियों का पीछा करते हुए 2 को मार गिराया है लेकिन प्रदेश की जनता की अपेक्षा है कि बाकी अपराधियों को भी मौत के घाट उतारा जाए।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close