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जमीयत उलमा ए हिंद और शेखुल हिंद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने 500 पीपीई किट्स डीएम को सौपी

जमीयत उलमा ए हिंद और शेखुल हिंद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने 500 पीपीई किट्स डीएम को सौपी

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गाज़ियाबाद जमीयत उलमा ए हिन्द तहसील ग़ाज़ियाबाद के उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी मुफ़्ती फ़ुरक़ान अख्तर क़ासमी ने बताया कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव के दौर में जमीयत उलमा ए हिंद और शेखुल हिंद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से जामिया ज़ैनब लिल बनात देवबंद (इस्लामिक गर्ल्स स्कूल) के प्रबंध में तैयार की गई 500 पीपीई किट्स आज सहारनपुर ज़िलाधिकारी को सौंपी गईं। यह किट्स जामिया की छात्राओं ने पूरी लगन से हेल्थ योद्धाओं के साहस को बढ़ाने के लिए तैयार की हैं। जामिया ज़ैनब में इस्लामी वातावरण में आधुनिक शिक्षा और वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाती है।
सहारनपुर ज़िला कलेक्ट्रेट में सुबह लगभग दस बजे यह किट्स ज़िला अधिकारी अखिलेश सिंह और जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. बीएस सोढ़ी की उपस्थिति में जामिया ज़ैनब और जमीयत उलमा ए हिंद के ज़िम्मेदारों ने सप्रेम भेंट दीं। और कोरोना के विरुद्घ इस युद्ध में अपनी सहभागिता – संघर्ष का प्रण दोहराया।
जमीयत उलमा के इस प्रतिनिधिमंडल में मौलाना ज़हूर अहमद, अध्यक्ष, जमीयत उलमा सहारनपुर, मौलाना फरीद मज़ाहिरी और जामिया ज़ैनब के ज़िम्मेदार मौलाना हुसैन अहमद मदनी आदि थे।
इस अवसर पर अपने संदेश में जमीयत उलमा ए हिंद के महासचिव और इस अभियान के संरक्षक, मौलाना महमूद मदनी ने अपने एक संदेश में हेल्थ प्रोफेशनल्स (स्वास्थ्य कर्मियों) के लिए विशेष रुप से श्रद्धा सुमन पेश किए। साथ ही इस कठिन समय में जमीयत उलमा का यह प्रण दोहराया कि वह देश की सेवा और स्वास्थ्य कर्मियों का साहस बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे। यह भारत की संस्कृति और परंपरा का भाग है कि संकट के समय में सभी वर्ग एक दूसरे के सहयोग- सहायता के लिए खड़े होते हैं। जमीयत उलमा ए हिंद प्रथम दिन से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना, स्वास्थ्य निर्देशों के पालन हेतु जन- जागरूकता और स्वास्थ्य कर्मियों का साहस बढ़ाना, आदि करती आ रही है। आज जबकि कोरोना का संकट गहरा होता जा रहा है। हमें अधिक संसाधन और साहस के साथ मैदान में आने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य योद्धा और प्रोफेशनल स्वास्थ्य कर्मी हमारे लिए ढाल बनकर काम कर रहे हैं। जमीयत उलमा इनके कार्य – संघर्ष और राष्ट्र के लिए समर्पण को सलाम पेश करती है। और इनके साहस को बढ़ाने के लिए ज़िला अधिकारी की सेवा में यह सप्रेम भेंट प्रस्तुत करती है। और इसके साथ ही दूसरे सभी स्वयं सेवी तथा धार्मिक संगठनों को निमंत्रण देती है कि वह अपनी- अपनी भूमिका का निर्वहन करें। और अपने- अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों का दिल खोलकर स्वागत करें, उन्हें सहयोग करें। मौलाना मदनी ने ज़ैनब लिल बनात की छात्राओं के इस कार्य की भूरि: भूरि: प्रशंसा करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को इसी प्रकार राष्ट्रीय आपदा के समय देश के लिए आगे आना चाहिए। यह एक अच्छी शिक्षा और दीक्षा का भी प्रमाण है।

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