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मंत्री की कर दी शिकायत ।

मंत्री की कर दी शिकायत ।

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सेवा में
आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी
माननीय मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश सरकार
लखनऊ
विषय: अध्यक्ष श्रम कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश सुनील भराला जी द्वारा उनके के पद का दुरुयोग किए जाने पर उक्त पद से बर्खास्त किए जाने के विषय में।

महोदय,
इस विषय में दो राय नहीं हैं कि आपके नेतृत्व वाली सरकार ने ही अभिभावकों के हित की चिंता करते हुए फ़ीस निर्धारण अधिनियम बनाया है। जिससे कि अभिभावकों को राहत मिली है। वर्तमान समय मे लॉकडाउन के कारण लोगों के रोजगार, व्यपार पर असर पड़ा है। जिस कारण अभिभावक लॉकडाउन अवधि की फ़ीस माफ़ी का अभियान चलाए हुए है। जिस पर सरकार द्वारा अभी कोई निर्णय नही लिया गया है। पूरे प्रदेश के अभिभावक हतोत्साहित उस समय हुए जब आपके द्वारा श्रम कल्याण परिषद अध्यक्ष पद से नवाजे गए श्रीमान सुनील भराला जी ने प्राइवेट स्कूल प्रबन्धकों के समर्थन में एक वीडियो/बयान जारी किया। इतना ही नहीं श्रीमान भराला जी स्कूल फ़ेडरेशन के प्रतिनिधि श्री अजीत कुमार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/माध्यमिक शिक्षा मंत्री मा० दिनेश शर्मा जी से मिलाने ले गए तथा उनके हवाले से एक बयान समाचारपत्रों में जारी कर दिया। इससे अभिभावकों में काफ़ी निराशा है। महोदय, श्री सुनील भराला जी को आप द्वारा दिए गए राज्यमंत्री पद का दुरुपयोग कर शासन/सरकार को भ्रमित कर सरकार व जनता के बीच खाई पैदा कर रहे है। अवगत कराना है कि श्रीमान सुनील भराला जी का स्वयं/अथवा उनके परिवार का खुद का M.S.B International School,राष्ट्रीय राजमार्ग-58 टोल प्लाजा भराला-पनवारी निकट मोदीपुरम,मेरठ के नाम से स्कूल है। जिस कारण निजी स्वार्थ के चलते उन्होंने पहले प्राइवेट स्कूलो के समर्थन में बयान जारी कर प्राइवेट स्कूलों के पक्ष में माहौल बनाया। फ़िर मेरठ स्कूल फ़ेडरेशन के प्रतिनिधि की मुलाकात मा० उपमुख्यमंत्री जी से कराकर समाचारपत्रों में बयान जारी करकार ऐसा माहौल बनाया जैसे उक्त बयान मेरठ स्कूल फ़ेडरेशन का नहीं बल्कि सरकार का हो।
महोदय आपसे इस पत्र के माध्यम से अनुरोध है कि M.S.B International School,राष्ट्रीय राजमार्ग-58,टोल प्लाजा भराला-पनवारी निकट मोदीपुरम,मेरठ की प्रबंध समिति, स्कूल को जारी की जाने वाली सम्बद्धता पूर्व अनपत्ति प्रमाणपत्र, सम्बद्धता व स्कूल की बेलेंस शीट की जाँच करायी जाए तथा श्रीमान भराला जी को आदेशित किया जाए कि सरकार द्वारा उन्हें जिस विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है, उसी से सम्बंधित कार्य करें। अन्यथा की स्थिति में जब तक स्कूल फ़ीस पर सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता तब तक उन्हें उनके पद से मुक्त किया जाए। जिससे वे अपने पद का दुरुपयोग कर अभिभावकों के मन में सरकार विरोधी छवि ना बना सकें।

भवदीय

शिवानी जैन
(राष्ट्रीय अध्यक्ष)
सचिन सोनी
(राष्ट्रीय महासचिव)

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