Breaking Newsराष्ट्रीय

प्रदेश का सबसे बड़ा अपराधी बन गया था एक सीधा साधा पहलवान

प्रदेश का सबसे बड़ा अपराधी बन गया था एक सीधा साधा पहलवान

image_pdf

पहले भाग में हम आपको बता चुके हैं की कैसे मौत के सौदागर ने अपनी जिंदगी की भीख मांगी थी। अब इस दूसरे भाग में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे पहलवानी का शौक रखने वाला एक सीधा साधा नौजवान उत्तर प्रदेश का सबसे दुर्दांत अपराधी बन गया था । उन दिनों गोरखपुर की पहचान गोरक्ष पीठ से थी। मंदिर ही शहर की पहचान था और वही संस्कृति भी। स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेकर पंडित राम प्रसाद बिस्मिल देशभर में गोरखपुर की शान थे। तो फिराक गोरखपुरी की नज्में और गजलें देशभर के साहित्यिक मंच पर गूंजा करती थी। 70 80 के दशक में गोरखपुर की राजनीति में हरिशंकर तिवारी और वीरेंद्र शाही की दुश्मनी ने गोरखपुर को अपराध की राजधानी बना दिया। गोरखपुर के हाटा बाजार के नजदीक ममखोर गांव में एक शिक्षक के यहां 1973 में पुत्र ने जन्म लिया। बच्चे का नाम श्रीप्रकाश रखा गया। जवानी की दहलीज पर कदम रखते रखते श्री प्रकाश को खाने-पीने और पहलवानी करने का शौक लगा। आसपास के क्षेत्र में पहलवान के रूप में उसकी ख्याति भी फैलने लगी थी। या यूं कहें कि वह धीरे-धीरे स्थापित पहलवान बनने जा रहा था। तभी एक ऐसी घटना घटी क्यों पहलवान की पूरी जिंदगी ही बदल गई। श्रीप्रकाश अपनी बहन के साथ बाजार में जा रहा था। बाजार में एक शौहदे ने श्री प्रकाश की बहन को देखकर सीटी बजा दी और कुछ अपशब्द भी कहे। बताते हैं कि श्रीप्रकाश की बहन के साथ बदसलूकी करने वाला राकेश तिवारी नाम का वे युवक अपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था इसलिए उसका दबदबा भी था। शिक्षक पिता ने घटना की पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो पहलवान श्री प्रकाश ने खुद ही बदला लेने की ठान ली। एसटीएफ के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी अजय राज शर्मा बीबीसी दिल्ली पर रेहान फजल के कार्यक्रम में बताते हैं कि श्री प्रकाश ने बाजार में आकर राकेश तिवारी को पीटना शुरू कर दिया और तब तक मारा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इस हत्या के बाद युवा श्रीप्रकाश गिरफ्तारी के डर से भयभीत हो गया। बताते हैं कि इस घटना के तुरंत बाद वह बैंकॉक भाग गया। उस वक्त चर्चा थी के अपराधी सूरजभान ने उसके बैंकॉक जाने की व्यवस्था कराई थी। बैंकॉक से लौटने के बाद श्री प्रकाश सूरजभान के गैंग में ही शामिल हुआ था।

तीसरे भाग में हम बताएंगे कि उत्तर प्रदेश में क्यों और कैसे स्पेशल टास्क फोर्स बनानी पड़ी

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close