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हिमाचल प्रदेश: COVID-खरीद में घूसख़ोरी का ऑडियो वायरल, सत्‍ताधारी बीजेपी अध्‍यक्ष राजीव बिंदल का इस्‍तीफा

हिमाचल प्रदेश: COVID-खरीद में घूसख़ोरी का ऑडियो वायरल, सत्‍ताधारी बीजेपी अध्‍यक्ष राजीव बिंदल का इस्‍तीफा

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हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने अपनी नियुक्ति के साढ़े चार महीने के भीतर बुधवार (27 मई, 2020) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बिंदल ने कहा कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भ्रष्टाचार के कथित मामले में समुचित जांच हो। कोरोना वायरस महामारी के लिए सरकार द्वारा चिकित्सा आपूर्ति की खरीद में भ्रष्टाचार की जांच के बीच उन्होंने इस्तीफा दिया है। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा को भेजे त्यागपत्र में बिंदल ने कहा है कि वह नैतिक आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि कुछ लोग राज्य के स्वास्थ्य निदेशक द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार में पार्टी का नाम घसीट रहे हैं।  इससे पहले राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने स्वास्थ्य सेवा के निदेशक अजय कुमार गुप्ता को 20 मई को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी तब हुई जब उनका 43 सेकेंड का एक ऑडियो रिकार्डिंग वायरल हुई, जिसमें वह किसी व्यक्ति से कथित तौर पर पांच लाख रुपए घूस के लिए कह रहे थे। एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद गुप्ता को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के बाद 18 जनवरी को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने बिंदल ने कहा कि उन्होंने इसलिए त्यागपत्र दे दिया ताकि बिना किसी दबाव के मामले में उचित जांच हो। भाजपा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने बिंदल का इस्तीफा स्वीकार लिया है। बिंदल ने कहा कि कथित भ्रष्टाचार से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही कहा कि राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाया और स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि मामले में भाजपा का नाम घसीटना पार्टी के प्रति अन्याय होगा क्योंकि लॉकडाउन के दौरान पार्टी ने खाने के पांच लाख से ज्यादा पैकेट, 1.10 लाख राशन किट और 30 लाख से ज्यादा मास्क बांटे हैं। इस्तीफा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस ने कहा कि भाजपा कोरोना वायरस महामारी के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग को भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं कर पाई। प्रदेश कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से मामले की जांच कराने की मांग की क्योंकि सतर्कता ब्यूरो द्वारा की जा रही जांच में उसे भरोसा नहीं है।

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