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श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौट रहे मजदूरों का दावा, हमसे पैसे लेेकर दिए गए टिकट

श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौट रहे मजदूरों का दावा, हमसे पैसे लेेकर दिए गए टिकट

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लॉकडाउन में यूपी, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी का सिलसिला तेज हो गया है। रेलवे इनके लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रहा है। इसी के साथ मजदूरों से रेल किराए को लेकर विवाद तेज हो गया है। गोरखपुर, लखनऊ, धनबाद पहुंचे बहुत से श्रमिकों ने दावा किया है कि उनसे पैसे लेकर टिकट दिया गया है। ये मजदूर ट्रेनों में मिले टिकट को दिखा भी रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रेलवे ने काउंटर से टिकट नहीं बेचने और राज्यों को टिकट सौंपने का दावा किया है। कांग्रेस, सपा, राजद आदि पार्टियों ने सरकार को इस मामले में घेरकर कई सवाल खड़े किए हैं।

महाराष्ट्र से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सोमवार सुबह गोरखपुर पहुंची। यहां पहुंचे अधिकांश प्रवासी मजदूरों ने भी रेल किराए का भुगतान करने की बात कही। उनसे प्रत्येक टिकट के बदले 745 रुपये वसूले गए। कई यात्रियों ने 28 घंटे लंबे सफर में काफी दुश्वारियां झेलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पूरा सफर दो पैकेट चिप्स, एक पैकेट बिस्कुट और एक बोतल पानी के सहारे काटना पड़ा।

कुछ मजदूरों ने लॉकडाउन लागू होने के बाद मुंबई के वसई रोड में बिताए गए मुश्किल भरे दिनों के बारे में बताया। खजनी के विश्वमोहन ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से ही काम छूट गया। जो पैसे बचे थे, उसी से राशन मंगवाकर कुछ दिन काम चलाया। लॉकडाउन बढ़ता गया और राशन खत्म होने लगा। कभी-कभी एक टाइम भोजन करते थे कि राशन एकदम से खत्म न हो जाए। इस बीच, कुछ लोगों ने मदद की लेकिन प्रशासन हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रहा था। एक छोटी-सी खोली में हर पल दम घुट रहा था। बस इसी इंतजार में थे कि हम कब अपने घर पहुंचेंगे।

मुंबई सेंट्रल में वेंडर का काम करने वाले शिवम सिंह भी श्रमिक स्पेशन ट्रेन से लखनऊ पहुंचे। उन्होंने बताया कि नासिक के पंचवटी, मखमलाबाद नाका के 12 नंबर स्कूल में रोके गए श्रमिकों को टिकट लेने पड़े। इसके लिए उनसे पैसा मांगा गया। जिनके पास पैसे नहीं थे उनकी अन्य साथियों ने मदद की। यहां के श्रमिकों को जनरल क्लास के 420 रुपये किराये वाले टिकट दिए गए जबकि उनसे 50 रुपये अतिरिक्त लिए गए। कुक 479 रुपये श्रमिकों से वसूले गए। पूछताछ करने पर श्रमिकों को इसकी जानकारी नहीं दी गयी। दूसरी तरह, नासिक के अन्य जगहों पर रहने वाले श्रमिकों से टिकट किराया के अतिरिक्त और कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया गया। जब शिवम से यह पूछा गया कि यह पैसा किसने लिया तो वह इसका जवाब नहीं दे सकें

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