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निर्भया केस : किसी के घर का बुझ गया चिराग तो किसी के घर बजेगी शहनाई

निर्भया केस : किसी के घर का बुझ गया चिराग तो किसी के घर बजेगी शहनाई

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दिल्ली के निर्भया कांड में हुई फांसी के बाद जहां चार परिवारों में मातम का माहौल है वहीं इनको फांसी पर लटकाने वाला जल्लाद पवन खुश है। अब इनको फांसी दिए जाने के एवज में मिलने वाले पैसे से वो अपनी बेटी की शादी करेंगे। इससे पहले तीन बार इन दोषियों का डेथ वारंट कैंसल हो चुका है। जब 22 जनवरी की सुबह 7 बजे इन चारों को फांसी पर लटकाने का फरमान अदालत ने सुनाया था तो पवन बहुत खुश हुए थे, ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा था कि इस काम के एवज में अब उन्हें कुछ पैसे मिल जाएंगे और वो अपनी नैतिक जिम्मेदारी का पालन कर पाएंगे। बेटियों की शादी हो सकेगी और कुछ कर्ज भी उतर जाएगा।

पवन ने कहा था कि ऐसा पहली बार होगा जब वो एक साथ 4 लोगों को फांसी देंगे और उनको इसके एवज में एक लाख रूपये की मोटी रकम मिलेगी। इतने पैसे भी वो पहली बार देखेंगे। रकम मिलने पर वो इसका क्या करेंगे? के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि मेहनताने से हासिल होने वाली इस रकम से वो अपनी बेटी की शादी करेंगे। 57 साल के पवन जल्लाद ने कहा था कि उन्होंने अब तक के जीवन में न तो एक साथ इतने लोगों को फांसी दी न ही एक साथ फांसी के बदले उनको इतनी बड़ी रकम ही मिली है।

पवन का परिवार पुश्तैनी जल्लाद है। उनके परदादा लक्ष्मन जल्लाद थे, दादा कालू राम उर्फ कल्लू और पिता मम्मू भी पुश्तैनी जल्लाद थे। उनके दादा ने रंगा-बिल्ला से लेकर इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह, केहर सिंह को इसी तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया था, मगर उस समय बहुत अधिक पैसे नहीं मिला करते थे। उन दिनों जल्लादों को आने-जाने का खर्चा और जेल में एक दो रात अच्छे से रहने के इंतजाम से मिलने से ही पुरखे सब्र कर लेते थे।

 

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