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दिल्ली के पहले कोरोना मरीज से सुनें कैसे दी वायरस को मात

दिल्ली के पहले कोरोना मरीज से सुनें कैसे दी वायरस को मात

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राजधानी के पहले कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज अब स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। उनका मानना है कि कोरोना को कोई भी हरा सकता है। वह इसके लिए उदाहरण हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि विश्व के सैंकड़ों लोगों की जान लेने वाले इस वायरस को उन्होंने मात दे दी है। वह इसके लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग का आभार जता रहे हैं।

मयूर विहार फेज-दो में रहने वाले टेक्सटाइल कारोबारी को 14 मार्च को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। फिलहाल वह 14 दिनों के लिए अपने घर में आइसोलेट रहेंगे। इस दौरान उनका बाहरी लोगों से संपर्क नहीं रहेगा। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि दो दिन निकल गए हैं। अभी करीब 12 दिन बचे हैं। इसके बाद वह भी खुली हवा में सांस ले सकेंगे।

उन्होंने बताया कि 29 फरवरी को जब उनमें कोरोना की पुष्टि हुई तो एक बार लगा कि अब जिंदगी खत्म हो गई। साथ ही परिवार की चिंता सताने लगी। लेकिन सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें काफी हिम्मत दी। डॉक्टरों ने उन्हें भरोसा दिया कि यहां से वह ठीक होकर ही लौटेंगे। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। इलाज के बाद नौ मार्च को उनका टेस्ट हुआ तो रिपोर्ट निगेटिव आई।

इसके बाद 11 मार्च को फिर से टेस्ट हुआ। इसमें भी रिपोर्ट निगेटिव थी। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला किया गया। उनके संपर्क में आने वाले कुल छह लोग संक्रमित थे। इनमें से चार घर लौट चुके हैं। दो अभी अस्पताल में हैं। दोनों से फोन पर लगातार बात हो रही है। उनसे बात कर उन दोनों का भी आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही वे भी अपने घर लौट जाएंगे। अगर अभी भी कुछ लोग कोरोना वायरस संक्रमित होने के बाद सामने नहीं आ रहे हैं तो यह दुखद है। वह अपने परिवार व अन्य लोगों के लिए दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। मेरी तरह वह भी सामने आएं, इलाज कराएं और स्वस्थ होकर घर लौटें।

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