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बंदूक के सामने डंडे के साथ डटे रहने वाले बहादुर हवलदार दीपक बोले- मैं डरता तो वह औरों को मार डालता

बंदूक के सामने डंडे के साथ डटे रहने वाले बहादुर हवलदार दीपक बोले- मैं डरता तो वह औरों को मार डालता

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में हुई हिंसा में मौजपुर में पिस्टल थामे युवक के सामने लाठी लेकर खड़े पुलिसकर्मी की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। लोग पुलिसकर्मी की बहादुरी की तारीफ करते नहीं थक रहे। यह निडर पुलिसकर्मी हवलदार दीपक दहिया हैं। दीपक ने मंगलवार को कहा कि अगर वह डरते तो कई लोगों की जान जा सकती थी। इसलिए वह डंडे के सहारे ही युवक का सामना करने आगे बढ़ गए।

सोनीपत निवासी दीपक दहिया 2010 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। वह वर्तमान में थर्ड बटालियन में तैनात हैं और बजीराबाद पीटीएस में हेड कांस्टेबल का प्रशिक्षण ले रहे हैं। हिंसा को देखते हुए दीपक की तैनाती मौजपुर वैष्णो देवी मंदिर के पास थी। वह अपने साथियों के साथ मेट्रो लाइन के आसपास खड़े लोगों को तितर बितर कर रहे थे। उनके पीछे एक पक्ष और सामने दूसरा पक्ष था। तभी सामने से शाहरुख नाम का युवक हाथ में पिस्टल लहराते फायरिंग करते हुए आगे बढ़ा।

दीपक का कहना था कि अगर वह युवक आगे बढ़ जाता तो कई लोगों की जान भी जा सकती थी। इसलिए वह लाठी लेकर युवक का सामना करने के लिए बढ़ गए। युवक ने दीपक को डराया भी, लेकिन वह डंटे रहे और उसे पीछे हटाकर ही छोड़ा।

युवक ने दीपक को सामने से नहीं हटने पर गोली मारने की धमकी भी दी, लेकिन वह बिना डरे डंडे से इशारा कर उसे वापस जाने के लिए कहने लगे। इस बीच पीछे से फायरिंग करने के लिए भी लोग युवक को उकसा रहे थे। तभी अन्य पुलिसकर्मियों ने दूसरी तरफ की भीड़ को तितर बितर कर दिया।

उधर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने कहा कि इस घटना में शामिल शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट एवं सरकारी कर्मचारी पर हमला करने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि को खंगाला जा रहा है।

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