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नागरिकता कानून के हिंसक विरोध के बाद सोमवार को दुकानें बंद रही

नागरिकता कानून के हिंसक विरोध के बाद सोमवार को दुकानें बंद रही

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नागरिकता कानून के विरोध में रविवार को हुए प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस की कार्रवाई का असर सोमवार को प्रभावित इलाकों में साफ दिखा। कानून का विरोध तो हुआ, लेकिन बाजारों में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। लोग घरों में राशन भर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि कर्फ्यू लग सकता है। अफवाहों का बाजार भी गर्म है। ओखला, जामिया नगर, न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के इलाके में नागरिकता कानून, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी हुई। पुलिस फोर्स ने फ्लैग मार्च भी निकाला और कुछ छुटपुट झड़पें भी हुईं।

ओखला में दुकानें 11 बजे तक खुल जाती हैं। लेकिन, सोमवार दोपहर 12:30 बजे तक मार्केट की ज्यादातर दुकानें बंद थीं। आमतौर पर दिखने वाली भीड़भाड़ भी नहीं थी। हेड मार्केट से शाहीन बाग की तरफ जाने वाली ग्रामीण सेवा और सार्वजनिक सेवा के वाहन भी कम ही दिखे। कुछ जगहों पर 8-20 लोगों का जमावड़ा था। जहां नागरिकता कानून को लेकर चर्चा का दौर जारी था। घड़ी की दुकान लगाने वाले मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि माहौल बिगड़ने का डर है इसलिए दुकानें बंद कर लीं और ऐसे में पुलिस और भीड़ की नजर हमारी दुकानों की ओर नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि लोग घरों में राशन भर रहे हैं। उन्हें लगता है कि कर्फ्यू भी लग सकता है। कुछ एक-दूसरे से कह रहे थे कि कानून मुस्लिमों को देश से निकालने वाला है। एक ने कहा कि दस्तावेज मांगे जाएंगे और अगर किसी वजह से खो गए हैं तो इंसान कहां जाएगा? इसी दौरान युवाओं का एक ग्रुप जामिया युनिवर्सिटी की ओर जाता दिखाई दिया। कुछ के हाथ में तिरंगा था। ये लोग नागरिकता कानून, सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

सड़कों पर दिनभर तनाव का माहौल रहा। नागरिकता कानून और पुलिस का विरोध कर रहे छात्रों के साथ स्थानीय लोग भी शामिल हो गए। सुबह भीड़ सैकड़ों की थी और दोपहर तक तादाद हजारों में पहुंच गई। भीड़ बढ़ी तो पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। भीड़ से आमना-सामना भी हुआ। पुलिस ने समझाया कि शांति बनाए रखें। जामिया विश्वविद्यालय के मेन गेट के बाहर सुबह से ही छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मानव श्रृंखला बनाकर खड़े थे। ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ, हालांकि भारी वाहनों की एंट्री पहले ही रोक दी गई थी। छात्रों के साथ शिक्षक भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। पुलिस ने फिर से समझाने की कोशिश की, लेकिन विरोध में नारेबाजी तेज हुई तो फ्लैग मार्च कर रही टुकड़ी ने यू-टर्न ले लिया।

न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी में लोग जली हुई बसों और गाड़ियों की तस्वीरें ले रहे थे। एक दुकानदार ने कहा- कल यहां दंगा हुआ था। हालात डराने वाले थे। एक मोड़ पर चर्चा चल रही थी कि प्रदर्शन जायज है, लेकिन ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे किसी की जान खतरे में पड़ जाए। कुछ का मानना था कि प्रदर्शन में ऐसे लोग शामिल हो गए, जिनका मकसद माहौल बिगाड़ना ही था।

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