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पंजाब में गन कल्चर ! खतरनाक बनता मितरां नूं शौक हथियारां दा……

 

शस्त्र लाईसेंस इन दिनों स्टेटस सिम्बल बनता जा रहा है। विशेष तौर. पर नव धनाढ्यों के बीच शस्त्र लाइसेंस लेना और विभिन्न समारोहों में हथियार लहराना और हर्ष फायर करना एक शौक बन गया है लेकिन पंजाब में लोक गायकों द्वारा अपने गीतों में हथियारों के महिमामंडन से यह शौक खतरे की हद तक बढ़ता जा रहा है। आज के मंथन में पंजाब में हथियारों के बढ़ते शौक पर एक नजर।

मितरां नूं शौक हथियारां दा…गन कल्चर को बढावा देने वाले ऐसे दर्जनों पंजाबी गीत इन दिनों युवाओं के दिलों – दिमाग पर छाए हुए हैं। अपने गीतों में ऐ के – 47 जैसे शस्त्र लहराने वाले पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला एक दिन इन्हीं हथियारों का शिकार हो गये। पंजाब में गीतों के जरिये गन कल्चर को बढ़ावा देने के लिये पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 2020 में पंजाबी गायकों को फटकार लगाते हुए सरकार से भी ऐसे गीतों पर नजर रखने के लिये कहा था।
पंजाब में हथियारों के प्रति शौक का आलम यह है कि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील पाकिस्तान की सीमा से लगते इस राज्य की तीन करोड़ की आबादी सुनिश्चित करने वाली पुलिस और बीएसएफ के पास उतने हथियार नहीं हैं जितने यहां के आम और खास लोगों के पास हैं। पंजाब पुलिस के पास लगभग सवा लाख हथियार हैं जबकि लोगों के पास पांच लाख से अधिक लाइसेंसी हथियार हैं। इनमें मामूली राईफल या बंदूक ही नहीं बल्कि एक से एक महंगे अत्याधुनिक हथियार हैं। देश की कुल आबादी के मात्र दो फीसदी लोग पंजाब में रहते हैं जबकि देश के दस फीसदी से अधिक लाइसेंसी हथियार अकेले पंजाब में हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2022 पंजाब में प्रति 1000 व्यक्ति पर तेरह लाईसेंसी बनबन्दूकें हैं।
नेशनल क्राइम ब्यूरो द्वारा जारी वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार 2021 में आर्म्स एक्ट के तहत 84,623 अवैध हथियार जब्त किये गये इनमें 4044 लाईसेंसी और 80579 अवैध हथियार थे।सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 14 लाख हथियार उत्तर प्रदेश में हैं जबकि पंजाब में तीन लाख साठ हजार लोगों के पास लाईसेंसी हथियार हैं। पंजाब में 11 हजार लाईसेंस अकेले महिलाओं के नाम हैं। अब पंजाब में लाईसेंसी हथियारों की संख्या पांच लाख से ऊपर जा चुकी है। पंजाब में आतंकवाद का काला दौर खत्म हुए दो दशक से अधिक बीत चुके हैं लेकिन आत्मरक्षा के नाम पर बढ़ता हथियारों का जखीरा किसी खतरे से कम नहीं है।पंजाब में अपराध और हत्या के मामलों में लाईसेंसी हथियार के प्रयोग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में 2015 से 2020 के बीच 350 से ज्यादा हत्या और 2021 में 724 हत्या लाईसेंसी हथियारों से हुई।
हथियारों के मामले में अमेरिका के बाद भारत दूसरे नंबर पर है। गन पालिसी डाट काम के एक सर्वे के अनुसार भारत के बाद तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर चीन, जर्मनी और फ्रांस हैं। लोगों के बीच हथियारों के बढ़ते शौक पर लगाम लगाने के लिये प्रति लाईसेंस तीन की जगह सिर्फ एक हथियार का प्रावधान संशोधित आर्म्स एक्ट 2019 के तहत होना था जो नहीं हो पाया। संशोधित कानून में नेताओं और कुछ राजघरानों के विरोध के चलते लाईसेंसी हथियार रखने की सीमा तीन की जगह एक तो नहीं हो सकी लेकिन अवैध हथियार रखने, बनाने या बिक्री पर सात साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया। नये कानून की सख्ती से केवल खिलाड़ियों को बाहर रखा गया है जो निशानेबाजी में राईफल, हैंडगन और शाटगन तीनों का प्रयोग करते हैं। पंजाब में हथियारों के लाईसेंस और एक से अधिक हथियार रखने पर पटियाला राजघराने के कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि लम्बे समय तक आतंकवाद का संताप झेलने वाले पंजाब में खतरा अभी टला नहीं है इसलिये पंजाब के लोगों को एक से अधिक हथियार रखने की छूट दी जाये। उन्होंने भी गीतों में हथियारों के महिमामंडन पर रोक लगाने की बात कही।

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