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पुलिस स्मृति दिवस पर एसएसपी ने किया नमन

 

 

 

 

हर वर्ष की भांति इस बार भी देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज पुलिस लाइन में 63वां पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी ने कर्तव्य परायणता के चलते अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी यादें हमारे जीवन में हमेशा बनी रहेंगी। आपको बता दें कि इस साल यानी 21 अक्टूबर 2022 को भारत 63वां पुलिस स्मृति दिवस मना रहा है। इस दिन को पुलिस-अर्धसैनिक बलों से जुड़े तमाम लोग पुलिस शहीदी दिवस या फिर पुलिस परेड डे के नाम से भी जानते हैं। ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल पूरे भारत में यह दिवस मनाया जाता है। पुलिस स्मृति दिवस 1959 में उस दिन की याद दिलाता है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा बीस भारतीय सैनिकों पर हमला किया गया था। जिसमें दस भारतीय पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी और सात कैद हो गए थे। उस दिन से शहीदों के सम्मान में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत के तिब्बत में 25 मील लंबी चीन के साथ सीमा है। 21 अक्टूबर 1959 के वक्त इस सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत के पुलिसकर्मियों की थी। चीन के घात लगाकर हमला करने से ठीक एक दिन पहले 20 अक्टूबर 1959 को भारत ने तीसरी बटालियन की एक कंपनी को उत्तर पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स के इलाके में तैनात किया था। इस कंपनी को तीन टुकड़ियों में बांटकर सीमा के सुरक्षा की जिम्मेदारी गी गई थी। हमेशा की तरह इस कपंनी के जवान लाइन ऑफ कंट्रोल में गश्त लगाने के लिए निकले। 20 अक्टूबर को दोपहर तक तीनों टुकड़ियों में से दो टुकड़ी के जवान दोपरहर तक लौट आए, लेकिन तीसरी टुकड़ी के जवान उस दिन नहीं लौटे। उस टुकड़ी में दो पुलिस कांस्टेबल और एक पोर्टर था।

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