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20 शिष्यों के साथ गाजियाबाद से मेरठ तक निकलने वाली यति की पदयात्रा पर रोक

गाजियाबाद। यति नरसिंहानंद की पदयात्रा पर पुलिस प्रशासन ने रोक लगा दी है। यति के ऐलान के बाद पुलिस प्रशासन का अमला डासना शिव शक्ति धाम पहुंचा और बिना परमिशन के पदयात्रा पर रोक लगा दी। अधिकारियों का कहना था कि पहली बात तो पदयात्रा की अनुमति नही ली गई दूसरा प्रशासन मेरठ तक पदयात्रा की अनुमति नही देगा। आपको बता दें कि डासना स्थित शिव शक्ति धाम से आज महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद अपने 20 शिष्यों के साथ मेरठ के गांव खजूरी तक पदयात्रा निकालने वाले थे। नरसिंहानंद का कहना था कि वह इस्लाम के जिहाद से पूरे हिंदू समाज को जागरूक करने के लिए यह पद यात्रा निकाल रहे हैं। मेरठ में परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खजूरी में 26 सितंबर की रात 20 वर्षीय दीपक त्यागी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। बाद में पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है और सिर काटकर एक खेत में दबा दिया गया है। पुलिस ने करीब 6 दिन बाद सिर बरामद किया और इस हत्याकांड में दो मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी हुई। इसमें एक हत्यारोपी की बेटी से मृतक के अवैध संबंध थे, जिसको लेकर यह वारदात की गई। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि नेताओं की गलत नीतियों के कारण आज भारत के हर हिन्दू का परिवार और अस्तित्व खतरे में पड़ चुका है। अब इस्लाम के जिहादियों से कोई भी सुरक्षित नहीं है। नेताओं ने अपने आप को तो हिंदुओं के पैसों से सुरक्षित कर रखा है, जबकि पूरे समाज को इस्लाम के जिहादियों के सामने मरवाने के लिये छोड़ दिया है। अब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है, अगर हिन्दू समाज अब भी सोता रहा तो यह गद्दार नेता सब कुछ मुसलमानों को देकर विदेश भाग जायेंगे। यति ने कहा कि संतों की यह पद यात्रा एक इतिहास रचेगी और हिंदुओं के आत्म- विश्वास को जागृत करेगी। इस पद यात्रा में कार्ष्णि स्वामी अमृतानंद, स्वामी कृष्णानंद गिरी, साध्वी आस्था मां, यति सत्यदेवानंद, यति कृष्णानंद, यति रामस्वरूपानंद, यति सरोजनाथ, यति सत्यानंद, यति निर्भयानंद, यति रणविजयानंद, यति यतींद्रानंद सहित अनेक संत शामिल होने थे।

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