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सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहे हैं भूमाफिया अतीक़ अहमद के रिश्तेदार

उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ज़ीरो टाॅलरेंस के बावजूद सूबे के भूमाफिया सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। यहाँ तक कि भूमाफियाओं पर शिकंजा कसने के लिये सीएम योगी की बुलडोजर पाॅलिसी के बावजूद अपराधिक मानसिकता वाले अतीक़ अहमद जैसे बाहुबली माफियाओं के नाते-रिश्तेदारों पर भी कोई असर नहीं हो रहा है।
ताज़ा मामला है राजधानी लखनऊ के चौक इलाक़े का जहाँ भूमाफिया अतीक़ अहमद और उनके रिश्तेदार नियाज़ ग़ाज़ी पर अतिसंवेदनशील माने जाने वाले अकबरी गेट बाज़ार में शत्रु संपत्ति पर अवैध क़ब्ज़ा और ख़रीद-फरोख़्त करने का आरोप लगा है।
पिछले 35 सालों से उक्त संपत्ति में किरायेदार के तौर पर सोने-चाँदी के गहनों का कारोबार कर रहे कांग्रेस नेता मारूफ ख़ान का आरोप है कि उक्त संपत्ति के असली मालिक बँटवारे के वक़्त पाकिस्तान चले गये थे। जिसके बाद वो शत्रु संपत्ति हो गई थी लेकिन माफिया अतीक़ अहमद के रिश्तेदार नियाज़ ग़ाज़ी ने उक्त संपत्ति पर अवैध तरीक़े से क़ब्ज़ा और तोड़-फोड़ कर 10-12 अन्य किरायेदारों को धमकाकर उनकी दुकानें जबरन ख़ाली करा ली हैं।
उक्त संपत्ति में पिछले 35 सालों से किरायेदार मारूफ ख़ान की शिकायत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उक्त संपत्ति से संबंधित किसी भी तरह के क़ब्ज़े, तोड़-फोड़ या ख़रीद-फरोख़्त पर रोक लगा दी है।
कांग्रेस नेता मारूफ ख़ान ने आरोप लगाया है कि भूमाफिया नियाज़ ग़ाज़ी ने समाजवादी सरकार में ताक़तवर रहे कुछ बड़े सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर उक्त संपत्ति समेत चौक थाना अंतर्गत कुछ अन्य संपत्तियों पर इसी तरह अवैध तरीक़े से क़ब्ज़ा कर निर्माण किया गया है। जिसमें स्थानीय चौक कोतवाली पुलिस भी भूमाफिया नियाज़ ग़ाज़ी का साथ दे रही है। जबकि उक्त संपत्तियों पर सीलिंग लगी है और धवस्तीकरण के निर्देश हैं।
इन सब शिकायतों को लेकर कांग्रेस नेता मारूफ ख़ान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर संबंधित मामले में हस्तक्षेप और उच्चस्तरीय जाँच कराकर उक्त संपत्ति के सभी किरायेदारों को न्याय दिलाने और भूमाफिया नियाज़ ग़ाज़ी के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की माँग की है।
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