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चीनी की आड़ में राशन डीलरों का अजब घोटाला

18 रुपए वाली चीनी 28 रुपए किलो में 

आखिर कहां से आती है राशन डीलरों के यहां चीनी आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा गोरखधंधा
गाजियाबाद। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा गरीब हितों को ध्यान में रखकर चलाई जा रही राशन वितरण प्रणाली में अजीबो -गरीब घपलेबाजी का खेल शहर के राशन डीलरों द्वारा किया जा रहा है। जिसमें राशन डीलर कार्ड धारकों को चीनी देने का लालच देकर मोटी कमाई कर रहे हैं। यही नहीं एक राशन डीलर अंत्योदय कार्ड धारकों को दी जाने वाली 3 किलो चीनी ना देकर पैसों से दिए जाने वाले गेहूं को फ्री में देकर चीनी हजम कर जाता है। जबकि शहर के कुछ राशन डीलर शासन से 18 रुपए किलो में अंत्योदय कार्ड धारकों को दी जाने वाली चीनी अन्य कार्ड धारकों को 28 रुपए किलो में दे रहा है ।
सवाल उठता है कि राशन डीलरों के पास चीनी कहां से आती है। आपूर्ति विभाग केवल अंत्योदय कार्ड धारकों को एक किलो चीनी प्रति कार्ड देता है। सूत्र बताते हैं कि कैला भट्टा में चांद  व उमर हक जो दुकान पहले नजरे हक के नाम आवंटित थी । लेकिन आपूर्ति विभाग ने उक्त दुकान को निरस्त करते हुए एफ आई आर दर्ज कराई थी। लेकिन इसमें भी खेल किया गया नजरे हक ने दुकान अपने भाई उमर के नाम करा ली जबकि नियमानुसार दुकान परिवार के किसी भी सदस्य के नाम नहीं की जा सकती। दुकान उमर के नाम है मगर डीलिंग का काम आज भी नजरे हक ही कर रहा है। सूत्रों की माने तो उमर के अलावा राशन डीलर चांद,ईमत्याजन, शिवम चौधरी विजय नगर रमेश माता कॉलोनी व कुछ अन्य राशन डीलरों के यहां गरीबों को मिलने वाले राशन चीनी में घपले बाजी की जा रही है और यह सब आपूर्ति विभाग के संबंधित अधिकारियों के रहमों करम पर हो रहा है। बात करते हैं चीनी की, राशन डीलर चीनी कहां से लाते हैं। हमारे संवाददाता व कार्ड धारकों से की गई पड़ताल में पता चला कि राशन डीलर बाजार से 38 रुपए किलो चीनी लाते हैं और कार्ड धारक को 10 रुपए कम 28 रुपए किलो में देते हैं, बदले में कार्ड धारक को दिया जाने वाला चावल अपने पास रख लेते हैं। जिसे बाजार में 15 से 20 रुपए किलो में ब्लैक में बेच देते हैं। फंडा यह है कि मान लिया जाए एक कार्ड में पांच यूनिट है। पांच यूनिट को 3 किलो के हिसाब से 15 किलो चावल दिया जाना है। लेकिन राशन डीलर 15 किलो चावल रखकर 5 या 6 किलो चीनी 28 रुपए किलो के हिसाब से देते हैं। कार्ड धारक सोचता है कि उसे बाजार भाव से 10 रुपए कम में चीनी मिल रही है तो वह चुपचाप रख लेता है। कार्ड धारक को राशन डीलर को 6 किलो चीनी में 60 रुपए का घाटा हुआ लेकिन उपभोक्ता के 15 किलो चावल बाजार में 15 रुपए किलो के हिसाब से बेचे तो 225 रुपए होते हैं । 60 का घाटा खाकर सीधा 165 रुपए का फायदा राशन डीलर को होता है। यह एक कार्ड धारक का खेल है ऐसे ही यदि 10 कार्ड धारकों के साथ यह खेल हुआ 165 के हिसाब से 1650 रुपए का सीधा लाभ होता है। माता कॉलोनी के राशन डीलर का भी गजब का खेल है। अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलने वाली 3 किलो चीनी ना देकर उसे 10 किलो गेहूं फ्री में यह कह कर देता है कि इस बार चीनी नहीं आई अब फ्री में गेहूं ले जाओ। वह भी सोचता है कि चीनी के 54 रुपए ना देकर उसे फ्री में 10 किलो गेहूं मिल रहे हैं वह भी चुपचाप रख लेता है। कुल मिलाकर राशन डीलर घोटाला करने में क्या-क्या हथकंडे अपना रहे हैं इसे कोई देखने वाला नहीं
इस मामले में आपूर्ति विभाग में तैनात इंस्पेक्टर भावना श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी यदि ऐसा है तो राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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