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किसके रहमोकरम पर सड़कों पर दौड़ रहे जुगाड़ वाहन

किसके रहमोकरम पर सड़कों पर दौड़ रहे जुगाड़ वाहन
आखिर प्रशासन क्यों नहीं लगा रहा है जुगाड़ वाहनों पर रोक
गाजियाबाद:। एक तरफ यातायात विभाग वाहन चालकों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काट रहा है तो वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों की छाती रौंदते जुगाड़ वाहन देखे जा सकते हैं। सही मायने में देखा जाए तो जुगाड़ वाहनों के लिए कोई नियम कानून नहीं है । आखिर शहर की सड़कों पर जुगाड़ वाहन किस के रहमों करम पर दौड़ रहे हैं । प्रशासन इन पर रोक लगाने में नाकामयाब साबित हो रहा है।
बतादें कि गाजियाबाद में हजारों की संख्या में चल रहे जुगाड़ वाहनों से दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। इस शहर में अनियंत्रित टेंपुओं जुगाड़ वाहनों से जाम, दुर्घटनाएं होना आम बात है। जबकि मुस्तैद यातायात पुलिस प्राइवेट गाड़ियों एवं दुपहिया वाहनों की सेल्फी लेकर चालान काटने में ही मस्त है। लेकिन एक इंजन के जरिए तीन पहिया वाहन का जुगाड़ का कोई जवाब नहीं। कहने का मतलब हींग लगे न फिटकरी रंग आए चोखा। न कोई डीएल,न कोई पंजीकरण,और न पॉल्यूशन,आर सी की जरूरत बस सामान लादो चल दो फिर चाहे किसी का एक्सीडेंट हो या पलटे विभाग की बला से। इनका कोई चालान नहीं। न ही कोई पूछने वाला। कहीं भी घुसेड़ दें। जुगाड़ सामान ढोने का सबसे बढ़िया साधन है। खराब स्कूटर के इंजन जो अपने आप में एक्सपायरी हो चुका है। ट्री में साठ की स्पीड में दौड़ते नजर आते हैं। ना इसका रोड टैक्स, न इंश्योरेंस , पल्यूशन हर फॉर्मेलिटी से मुक्त, मात्र पुलिस नजराना पर दौड़ रहे वाहन अवैध माल ढुलाई का परिचायक यह वाहन चलता फिरता मौत को दावत देता रहता है। पिछले दशक में इसी तरह की माल ढुलाई बुग्गियों से होती थी जो संकरी सडकों पर जाम का कारण होती रही,फर्क सिर्फ इतना है कि बुग्गियों से सिर्फ जाम लगता था दुर्घटनाओं की आशंका कम थी ।
सूत्रों के अनुसार 90%पैठ बाजार में माल ढुलाई इन्ही जुगाड वाहनों से होती है। इस बारे में यातायात विभाग के अधिकारियों के पास कोई जवाब भी नही है।
विचारणीय है कि टोल, रोड टैक्स,इंश्योरेंश ,पल्यूशन हर झंझट से मुक्त यह वाहन आखिर कब तक शहर की छाती पर तांडव करते रहेंगे और क्यों।

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