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शोषित क्रांति दल ने जिलाधिकारी हापुड़ को मुख्यमंत्री के लिए को सौंपा ज्ञापन

ग़ाज़ियाबाद। ज्ञापन में शोषित क्रांति दल के अध्यक्ष रवि कांत ने अवगत कराते हुए कहा कि थाना धौलाना क्षेत्र के गांव दहिरपुर में दिनांक 4 दिसंबर 2021 को 30-40 दबंगों ने दलितों पर घर में घुसकर प्राणघातक हमला किया था और दलित महिलाओं से छेड़छाड़ तथा दुष्कर्म करने का असफल प्रयास भी किया गया था जिसमें पीड़ित केपी सिंह ने थाना धौलाना पर दबंगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था,जिसकी एफआईआर नंबर 516/ 21 धारा 147, 148, 352, 452, 324, 325, 506, 354, 376, 511, 392, 307 एवं sc-st एक्ट है! जिसकी विवेचना सीओ पिलखुवा डॉ तेजवीर को सुपुर्द की गई और बड़े खेद के साथ आपको अवगत कराना पड़ रहा है विवेचक/डीएसपी ने आज तक घटनास्थल का निरीक्षण नहीं किया, पीड़ित महिलाओं के न्यायालय में अभी तक बयान दर्ज नहीं कराए, एएसपी और एसपी ने भी घटनास्थल का जायजा नहीं लिया, जोकि एससी एसटी एक्ट एवं विशेष जांच मुख्यालय के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है, इसके संबंध में मेरे द्वारा विवेचक से बातचीत की गई और निष्पक्ष कार्रवाई का अनुरोध किया गया था एवं पुलिस अधीक्षक जनपद हापुड़ दीपक से भी कई बार फोन पर वार्तालाप करने का प्रयास किया गया परंतु उन्होंने दलित अत्याचारों के मुद्दों पर बात करना उचित नहीं समझा!यह कि आरोपी दबंगों ने पुलिस की गैर मौजूदगी में डॉक्टरों से सांठगांठ कर फर्जी मेडिकल बनवाकर पीड़ित के मुकदमा लिखवाने के 5 घंटे बाद गंभीर धाराओं में मुकदमा दलित पीड़ितों के खिलाफ दर्ज करा दिया, जिसकी प्राथमिक जांच तक करना थाना धौलाना पुलिस ने जरूरी नहीं समझा! जिसका F.I.R नंबर 518/21 है! जिसमें पीड़ित के पी सिंह के दो नाबालिग बच्चों को भी पुलिस ने नामजद किया है दो में से एक दिव्यांग भी है तथा एक 7 वर्ष की आयु का है।यह कि हापुड़ पुलिस का दुस्साहस देखिए कि दबंगों को गिरफ्तार करने की बजाय दिनांक 6 मार्च 2022 को पीड़ित के पी सिंह को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।यह कि विवेचक क्षेत्राधिकारी डॉ तेजवीर ने कई आरोपियों के नाम मुकदमे से निकाल दिए व गंभीर धाराएं हटा दी हैं, यह कृत्य विवेचक द्वारा दलित विरोधी और दूषित मानसिकता के चलते जानबूझकर किया गया है, जो कि एससी/ एसटी एक्ट के तहत अपराध है व पीड़िताओं के आज तक धारा- 164 सीoआरoपीoसीo के बयान न्यायालय में कराना जरूरी नहीं समझा तथा गवाहों के दो बार शपथ पत्र देने के बावजूद भी विवेचना मे विवेचक द्वारा सम्मिलित नहीं किया गया यह की दबंग पीड़ित परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और कृषि आदि करने मे भी बाधा डाल रहे है,
अतः आपसे विनम्र आग्रह है कि दलित हितों को दृष्टिगत रखते हुए और मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में तत्काल पीएसी लगाई जाए और अस्थाई पुलिस चौकी खुलवाकर स्थाई का प्रस्ताव मंगवाया जाए, नामजद समेत सभी अभ्यर्थियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाए क्रॉस F.I.R 518/21 को निरस्त कराया जाए ताकि पीड़ित दलित परिवार को न्याय मिल सके

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