Breaking Newsउत्तर प्रदेशराष्ट्रीयहमारा गाजियाबाद

शुद्ध पेयजल नहीं लोगों की जा रही है जान .असलम खान

आश्वासन मिले पानी नहीं .महताब

मुरादनगर। नगर की आबादी का एक बड़ा भाग अभिशप्त जीवन जीने के लिए मजबूर है जहां बातें चांद और सूरज तक पहुंच रही हैं वही विडंबना यह की अन्य मूलभूत सुविधाएं तो दूर की बात है लोगों को पेयजल तक उपलब्ध नहीं है। हैंडपंपों का दूषित पानी पीने के कारण लोग गंभीर बीमारियों पीलिया हेपेटाइटिस कैंसर आदि के शिकार होकर जान तक गंवा रहे हैं सबका साथ सबका विकास यहां की ईदगाह के निकट स्थिति कई कालोनियों में दिखलाई नहीं देता। ईदगाह के आसपास कालोनियों में बड़ी जनसंख्या निवास करती है यहां से गुजरने वाला गंदा नाला खुला होने के कारण उसमें गिरकर दर्जनों मौतें हो चुकी हैं जिनमें अधिकांश संख्या बच्चों की है। नाले का दूषित पानी कॉलोनी में लगे हैंडपंपों तक पहुंच गया है जिसके कारण इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग संक्रामक बीमारियों से घिर गए हैं बीमारियां भी हेपेटाइटिस पीलिया कैंसर पेट वह त्वचा से संबंधित खतरनाक श्रेणी की हैं । गंदगी का चारों ओर साम्राज्य फैला है इस क्षेत्र के निवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा उन्हें नारकीय हालात से बाहर निकालने के लिए यहां एक टंकी का निर्माण प्रारंभ कराया गया था लेकिन अभी तक कई वर्ष बीतने के बावजूद उसका ओवरहेड टैंक तक तैयार नहीं हो सका है जिसके कारण लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। वरिष्ठ रालोद नेता असलम खान ने बताया कि क्षेत्र के लोग कई बार धरने प्रदर्शन व अधिकारियों को पत्र लिखकर शीघ्र ही टंकी का निर्माण पूरा करा कर पेयजल उपलब्ध कराने की मांग कर चुके हैं जिससे वहां फैलने वाली गंभीर बीमारियों से लोग बच सके बावजूद उसके अभी तक लोगों को टंकी का पानी उपलब्ध नहीं हो सका है ।नगर पालिका परिषद ने भी वहां का पानी दूषित मानते हुए कुछ ट्रैक्टर टैंक द्वारा पानी भेजा जाता है लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित होता है क्योंकि बड़ी आबादी में टैकों से भेजा पानी लोगों की प्यास नहीं बुझा पाता और गर्मी में हालात और भी ज्यादा खराब हो गए हैं ।कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव महताब पठान का कहना है कि दूषित पानी पीने के कारण बीमार होकर कई लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं नगर पालिका परिषद के अधिकारी जल्द ही टंकी चालू कराने का आश्वासन देते हैं लेकिन वर्षो बीतने के बाद भी न टंकी तैयार हुई है और न ही पानी की पाइप लाइन बिछाई गई हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close