Breaking Newsउत्तर प्रदेशराष्ट्रीयहमारा गाजियाबाद

बाबा का डर थाने पर अपराधियों का मेला श्मशान घाट नरसंहार पीड़ितों को न्याय का इंतजार कब दिखेगा दोषियों पर बाबा का खौफ ?

मुरादनगर। बाबा और बाबा के बुलडोजर के डर से थाने पर अपराधियों के लग रहे हैं मेले पुलिस से गुहार लगा रहे हैं कि मेरी मेरी हाजिरी जल्द लगा ले। हिस्ट्रीशीटर प्रचलित अपराधी इस खौफ में है कि कहीं ऑपरेशन लंगड़ा कि जद में आकर टांगों में गोलियां मारकर पुलिस चलने से ही मोहताज न कर दे और पता नहीं कब उनके छुपने की मांद को बाबा का बुलडोजर ध्वस्त कर दे। लेकिन सत्ता पक्ष मैं बैठे लोग नौकरशाह अभी तक बाबा के भय से अछूते दीख रहे हैं। यह कह रहे हैं 3 जनवरी 2021 श्मशान घाट नरसंहार में जान गंवाने वालों के परिजन। पुलिस की ओर से फरमान जारी हुआ है कि क्षेत्र के बदमाश थाने में आकर हाजिरी लगाएं तथा अपने पहचान के साक्ष्य दिखाने के साथ ही अपने फोटो भी जमा कराएं। पुलिस अधिकारियों के इस आदेश से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है हालात यह है कि थाने हाजरी लगाने वालों की संख्या के कारण थाने पर मेले जैसा माहौल बन रहा है। बदमाशों में खौफ इतना है कि अपने साथ अपनी सलामती की उम्मीद के लिए कई कई लोगों को साथ लेकर आ रहे हैं कि कहीं अकेला जाने के बाद सही सलामत ही न लौटे। लेकिन मुरादनगर के ही कई कोनों से अब भी परिवार अपनों के जाने के जख्मों के साथ ही न्याय के लिए भी कराह रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित मुरादनगर में नगर पालिका परिषद द्वारा उखलारसी श्मशान घाट मैं बनाया गए प्रार्थना स्थल की छत गिरने से उसके नीचे दबकर 25 लोगों की असमय ही जान चली गई थी ।उस समय जनप्रतिनिधियों अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से पूरी हमदर्दी दिखाते हुए जल्द न्याय अपराधियों को सजा तथा समुचित सहायता के आश्वासन दिए थे लेकिन कुछ समय बीतने के बाद जनप्रतिनिधि अधिकारी सब कुछ भूल गए। परिजनों की गुहार धरने प्रदर्शनों से भी ऐसे गंभीर अपराध जिसमें इतनी बड़ी जनहानि हुई उसके अपराधी कौन है उन्हें दंड मिलना दूर की बात है अभी तक जवाबदेही तक तय नहीं हुई है। संबंधित परिवारों को दी गई सहायता राशि ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई जिनके कमाने वाले दुनिया से चले गए वह बेरोजगार बैठे हैं। उनके सामने भी बड़ा प्रश्न है कि उनका और उनके बच्चों का आने वाला भविष्य कैसा होगा ।सत्ता की ओर अंगुलियां इसलिए उठ रही है कि सत्ताधारी सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के यहां सांसद विधायक पालिका अध्यक्ष हैं। और आनन-फानन में जिन नौकरशाहों ठेकेदारों को जेल भेजा गया था वह सभी जेल से बाहर आकर अपने अपने काम संभाल रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी के नेता इसके लिए सत्ता की सीढ़ी के सहारे न्याय दिलाने तथा अधिकारियों द्वारा किए गए वादों को पूरा करा सकते थे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ यहां के पीड़ित उस दिन के इंतजार में हैं कि उनके अपराधियों पर बाबा का खौफ दीखेगा हालात यह हैं कि अब लोग अपनों को अंतिम स्थान तक विदा करने में ही डरने लगे हैं और यदि वहां जाते हैं तो उन्हें यह डर लगा रहता है कि बचा हुआ कौन सा श्मशान घाट का भ्रष्टाचार से ढेर अवशेष उनकी जान ले ले। इस बारे में थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर प्रचलित अपराधियों को पुलिस थाने में बुलाकर उनके कार्यकलापों की जानकारी तथा खुद उपस्थित हो अपने प्रमाण पत्र जमा कराने के आदेशों के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close