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दिव्य संत सम्मेलन एवं शिला पूजन कार्यक्रम आयोजित

 मुरादनगर। ग्राम कनौजा के निकट निर्माणाधीन संस्कार उपवन में श्री भक्तमाल जयंती के अवसर पर संस्कार प्रवाह ट्रस्ट के तत्वाधान में दिव्य संत सम्मेलन एवं शिला पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपवन का शिलान्यास जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी ने किया।

इस अवसर पर अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि संस्कारों का हमारे जीवन में अत्यंत महत्व है। संस्कार के माध्यम से मानव के जीवन में अद्भुत परिवर्तन होता है। जब भगवान राम गंगा पार उतरने के लिए केवट के पास गए तो केवट ने कहा प्रभु मेरे वस्त्र फटे हुए हैं, लेकिन संस्कार मेरे अंतर में बसे हुए हैं। इसलिए उन्हें प्रभु का दर्शन हुआ। भगवान कृष्ण की वास्तविक माता देवकी थी, लेकिन सारा संसार माता यशोदा को ही उनकी माता के रूप में जानता है। बाल्यावस्था में दिए हुए संस्कार व्यक्ति को महान बनाते हैं। संतो ने नौ प्रकार की भक्ति बताई है, जिसमें सरलता भी एक गुण है। अर्जुन अत्यंत सरल व्यक्ति थे, उनकी प्रवृत्ति भी सरल है, संस्कारवान है, इसीलिए भगवान ने उनका रथ चलाया।

उन्होंने कहा आज हम जीवन के लिए आवश्यक वायु, जल व पृथ्वी को प्रदूषित कर रहे हैं। हमारा जीवन संस्कारित होगा तभी हमारे देवता भी पुष्ट होंगे। आत्मा की यात्रा अनंत है। सनातन धर्म का सिद्धांत है कि कण-कण में भगवान विराजमान है। ये भक्त की पुकार पर परमात्मा निराकार से साकार हो जाते हैं। हमारी शिक्षा पद्धति में पिछले काफी समय से एक षड्यंत्र चला आ रहा है, संस्कृत पढ़ने वालों को विज्ञान नहीं पढ़ाया जाता था और विज्ञान पढ़ने वालों को संस्कृत का ज्ञान नहीं कराया जाता था। जबकि हमारे वेद विज्ञान से भरे हुए हैं। वेदों के सिद्धांत ने विश्व भर में क्रांति पैदा कर दी है। स्वामी विवेकानंद यदि अंग्रेजी में अमेरिका में नहीं दहाड़ते तो भारत का नाम विश्व पटल पर व्यापक नहीं हो सकता था। संस्कार उपवन के संस्थापक नवनीत प्रिय दास ने बताया कि लघु ब्रज दर्शन, आध्यात्मिक शिक्षा एवं छात्रावास गौशाला, संकीर्तन मंदिर, नाम स्तंभ मंदिर, ध्यान केंद्र, भक्तमाल भवन, संत निवास, यज्ञशाला, तीर्थ कुंड व रामचरितमानस गायन केंद्र आदि बनाने की उनकी योजना है। इस उपवन के माध्यम से छात्रों को संस्कारवान बनाया जाएगा एवं क्षेत्र में यह आश्रम ज्ञान भूमि के रूप में जाना जाएगा। इस अवसर पर महात्मा नवीन शरण, अजय याग्निक, स्वामी श्रद्धानंद, बाबा आनंद दास उर्फ फ्लाइट बाबा, अंकित कृष्ण बटुक, शेष नारायण महाराज आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।  इस अवसर पर समरकूल के निदेशक संजीव गुप्ता, अजय गुप्ता, देवेंद्र हितकारी, गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन अमरजीत सिंह बिड्डी, शिक्षाविद रामकिशन बंधु, राकेश मोहन गोयल, योगेंद्र गुप्ता लिली, नवीन गुप्ता, पंडित विजेंद्र शर्मा व क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर उपवन के निर्विघ्न रूप से बनने की कामना की।

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