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वयोवृद्ध माकपा नेता कामरेड कंसवाल ,पार्टी को लालझंडे की सलामी के साथ दी अश्रुपूरित विदाई ,अन्तेष्टि में शामिल हुऐ पूरे पहाड के राजनेता ,गणमान्य व्यक्ति एवं समाज के बुध्दिजीवी ।

उत्तराखंड / देहरादून मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बरिष्ठ नेता ,साहित्यकार कामरेड बच्चीराम कौंसवाल की नम आंकह से ऋषिकेश स्थित पूर्णानंद घाट में उनके पुत्रों डाक्टर मदन मोहन कोंसवाल एवं पत्रकार प्रमोद कौंसवाल द्वारा मुखाग्नि देकर अन्तिम विदाई दी ।इससे पूर्व उनके देहरादून मोहकमपुर स्थित आवास पर उनके अन्तिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा जिसमें राजनेता, साहित्यकार , पत्रकार ,लेखक ,सामाजिक कार्यकर्ता तथा जाने माने गणमान्य व्यक्तियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की । भारत की कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने उनके सम्मान में अपने झण्डे झुकाऐ तथा उनके पार्थिव शरीर पर लाल झण्डा चढा़या ।
कामरेड कौंसवाल ने अपना राजनैतिक एवं सामाजिक जीवन उत्तर प्रदेश के दौरान शिक्षक नेता के रूप में शुरुआत की तथा शिक्षा की बेहतरी तथा शिक्षकों के अधिकारों के लिए लड़ते -लड़ते शिक्षक पद छोड़कर वे पूर्णकालिक तौर पर शिक्षा एवं शिक्षकों की बेहतरी के लिए संघर्ष करते रहे .उन्होंने एमएलसी का चुनाव भी लड़ा कुछ ही मतों से पिछड़े ,वे 1980 के दशक से पूर्व बिजनौर में कम्युनिस्टों के सम्पर्क में आये तथा बाद को बर्षों तक अपने गृह जनपद टिहरी जिले के वे सीपीएम के जिलासचिव ,उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी सदस्य के बाद उत्तराखंड बनने के बाद पार्टी राज्य सचिव मण्डल के सदस्य भी रहे तथा किसान सभा के राज्य अध्यक्ष बनें ।,वे लेखनी के धनी थे तथा अपने लेखोँ के माध्यम से समाज की सेवा करते रहे तथा पत्रकार उमेश डोभाल हत्याकांड के खिलाफ हुऐ संघर्ष में उनकी अंग्रणी भूमिका रही अपनी जान की परवाह किये उन्होंने माफियाओं को सलाखों तक पहुंचाया ,टिहरी बांध विस्थापतों के हकों के लिए उनका संघर्ष तथा योगदान सदैव याद किया जाऐगा ।वे एक कम्युनिस्ट के रूप में जीवन के अन्तिम क्षणों तक जनमुद्दों के लिए संघर्षरत रहे ।दिसंबर माह में पार्टी के 7वें राज्य सम्मेलन मे कामरेड सीताराम येचुरी राष्ट्रीय महासचिव सीपीएम ने उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए उनको साल पहनाकर सम्मानित किया था।
उनके निधन ने न केवल हमारी पार्टी ने अपितु समाज ने एक बेहतरीन इन्सान खो दिया है ।उनकी कमी हमेंशा बनी रहेगी ।सीपीएम उनके निधन पर दुख प्रकट करती तथा उनकी अन्तेष्टि में सीपीएम राज्य सचिव राजेन्द्र नेगी ,कामरेड सुरेंद्र सिंह सजवाण , जिला सचिव राजेन्द्र पुरोहित , माले के गढ़वाल सचिव कामरेड इन्देश मैखुरी ,के सी चन्दोला , सरकार के पूर्व मन्त्री किशोर उपाध्याय ,पूर्व प्रमुख खेमसिंह ,सीपीआई नेता जयप्रकाश पाण्डेय. , इन्दुनौडियाल ,दमयंती नेगी ,नुरैशा ,सुधा देवली ,राजेंद्र पुरोहित , भाजपा के टिहरी के विनोद रतूड़ी ,यूकेडी के नेता बिक्रम बिष्ट ,पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष शिवप्रसाद देवली , पूर्व जिलापंचायत सदस्य कमरूद्दीन ,पार्टी देहरादून के सचिव अनन्त आकाश ,सीटू प्रदेश महामंत्री महेंद्र जखमोला ,कोषाध्यक्ष पी डी बलूनी ,मन्त्री लेखराज,विजय भट्ट ,नितिन मलेठा ,हिमांशु चौहान ,भगवन्तसिंह पयाल , इन्देश नौटियाल , वैदान्त , रविन्द्र नौडियाल ,सतीश धौलाखण्डी,कामरेड भगवान सिंह राणा ,जगमोहन रांगड,उनके अनन्य साथियों में साहित्यकार लीलाधर जगूड़ी ,सोमवारी लाल उनियाल, पत्रकार आर पी डोभाल ,मनमीत ,प्रमोद उनियाल,त्रिलोचन भट्ट ,दीपक भट्ट ,चित्रवीर क्षेत्री ,याकूब ,जाहिद अन्जुम,डाक्टर ब्रिजेशकुमारविनोद कुमार ,पीयूष शर्मा ।वरिष्ठ अधिवक्ता शीशराम कोंसवाल ,शम्भु प्रसाद ममगाई ,समाजसेवी जयदीप सकलानी ,प्रदीप कुकरेती , डाक्टर गजेन्द्र मोहन बहुगुणा ,डाक्टर विजय शंकर शुक्ल , वेदिकावेद , शैलेंद्र कुमार ,पूर्व पालिकाध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ,पूर्व विधायक ओमगोपाल पार्टी के वरिष्ठ नेता एस एल रतुडी ,आर पी जखमोला ,लालद्दीन ,पुरूषोत्तम बडोनी ,शिवपाल चौहान ,देवसिंह गोंसाई ,जे एस रावत ,सतीश धौलाखण्डी ,महेंद्र कुमार , जगदीश कुलियाल , धर्मानन्द लखेड़ा , अमरबहादुर शाहीआदि बड़ी संख्या में उनकी अन्तेष्टि में शामिल थे ।

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