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न्याय मांग रही महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई अभद्रता

 

मुरादनगर। पहले सरकारी भ्रष्टाचार ने परिजनों को निगल लिया न्याय मांगने पर महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने से जहां आम लोगों की सहानुभूति पीड़ित परिवारों की महिलाओं के साथ जुड़ गई है ।वहीं महिलाओं ने भी कहा है कि यदि उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है तो पुलिस प्रशासन उन्हें भले ही गिरफ्तार कर ले लेकिन वह न्याय की लड़ाई किसी दबाव में बंद नहीं करेंगी। 2 महीने न्याय के लिए धरने भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं को यहां आए मुख्यमंत्री से मिलने से रोकने के लिए उन्हें बंधक बनाया गया और अब उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिसकी सभी ने निंदा की है इस मामले में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भी बयान आया है ।कि ऐसे भ्रष्टाचार के कार्य करने वालों को भाजपा सरकार में सजा के बारे में सोचना भी बेकार है। उखलारसी श्मशान घाट का बरांडा जो कि नगर पालिका परिषद द्वारा बनाया गया था 3 जनवरी 2021 को उस समय लोगों के ऊपर गिर गया था जब बड़ी संख्या में लोग वहां एक मृतक का अंतिम संस्कार कराने के लिए गए थे। जिसमें 24 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी ।दो दर्जन के करीब घायल थे जिनमें से एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया जिससे मृतक संख्या 25 हो गई थी। इस भयानक घटना की पूरे विश्व में गूंज हुई थी । महामहिम राष्ट्रपति प्रधानमंत्री सहित विश्व के कई देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने घटना पर दुख जताते हुए संवेदनाएं व्यक्त की थीं । क्योंकि यह विश्व की पहली एक मानव जनित दुर्घटना थी जिसमें जिंदा लोग श्मशान घाट आए और लाशों के रूप में वापस घर पहुंचे ।इस सरकारी नरसंहार से आक्रोशित लोगों ने मेरठ दिल्ली हाईवे पर मृतकों के शव रख जाम लगा दिया था। मौके पर पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारी पहुंचे थे जिन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए अधिशासी अधिकारी सहित 5 लोगों को गिरफ्तार कराया था। तथा अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को 50 लाख आर्थिक सहायता परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी घायलों का इलाज बच्चों की शिक्षा तथा आवास हीन परिवारों को निशुल्क मकान उपलब्ध कराने के आश्वासन दिए थे। लेकिन 1 वर्ष पूरा होने के बाद भी दोषियों के बारे में कुछ पता नहीं चल रहा क्योंकि गिरफ्तार किए गए सभी लोग छूट गए हैं। घोषित सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई गई। मृतकों के परिजनों ने इस विषय में उप जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, महिला आयोग ,को पत्र लिखकर न्याय की मांग की थी। सुनवाई न होने पर महिलाओं ने 29 नवंबर 2021 से नगर पालिका परिषद कार्यालय परिसर में धरना भूख हड़ताल पर बैठी हुई थीं। राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उन्हें न्याय दिलाने में सहायता का आश्वासन दिया था। यहां किसान नेशनल इंटर कॉलेज में आए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से महिलाओं ने मुलाकात करने का समय मांगा था। जिस पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें धोखे में रख बंधक बना लिया और उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया। बलपूर्वक उन्हें धरना प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। महिलाओं का आरोप है कि अधिशासी अधिकारी ने उनकी पिटाई कराने के लिए रुपए देकर कुछ महिलाओं को बुलवाया था ।इस बारे में थाना प्रभारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी की ओर से महिलाओं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ है ।पुष्प लता ,निधि, कविता, ममता ,पूजा, तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 47, 342 ,353 504 ,के तहत रिपोर्ट दर्ज बताई जा रही । यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया ने एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें याद है दिल दहलाने वाली घटना लेकिन भ्रष्टाचार का इतना घृणित कार्य जिससे परिवार बर्बाद हो गए उसके दोषियों को सजा न मिलना सरकार की मंसा को साफ दर्शा रहा है ।पूर्व मुख्यमंत्री की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें वह इस घटना की निंदा करते हुए सरकार पर तंज करते हुए कह रहे हैं ।कि उन्हें ऐसा ही विश्वास था कि इस सरकार में ऐसा घृणित कार्य करने वालों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी। क्षेत्र वासियों ने भी महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने पर आक्रोश जताते हुए कहा है कि उनकी न्यायोचित मांगों को पूरा न कर उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है। कि गरीबों के लिए उसके यहां कोई सुनवाई नहीं है क्योंकि मृतक गरीब तथा पिछड़ी जातियों से थे।

प्रत्याशी दौड़ रहे हैं दर-दर
मुरादनगर। सोशल मीडिया पर सब ही पार्टियां छा जाना चाहती हैं लेकिन फिर भी प्रत्याशी मतदाता मुलाकात को महत्व दे रहे हैं। यहां प्रथम चरण में 10 फरवरी को मतदान होना है लगभग सभी पार्टियों से चुनावी रण में सूरमा मैदान में हैं। कोरोना ओमीक्रोम के कारण रैलियों जनसभा पर रोक है हालांकि एक निश्चित संख्या में छोटी बैठक करने की अनुमति दे दी गई है । लेकिन चुनावों में इस बार सभी प्रत्याशी पार्टियां सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा अपनी उपस्थिति के प्रयास कर रही हैं ।लेकिन चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी अधिक से अधिक मतदाताओं से खुद संपर्क करने के प्रयास कर रहे हैं ।क्योंकि असलियत उन्हें भी पता है की आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करते या उनके पास अभी संसाधन डिजिटल मोबाइल आदि नहीं है। इसलिए प्रत्याशी सोशल मीडिया के सहारे ऐसे मतदाताओं को खोना नहीं चाहते। और रात दिन रूठे को मनाने नयो को अपना बनाने की उधेड़बुन में लगे हुए हैं
मुरादनगर विधानसभा सीट पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार कहलाती है कहा जाता है कि यहां की हवा पूरे पश्चिम को संदेश देती है। इस बारे में कई गाँव वासियों ने बताया कि सभी मतदाता प्रत्याशी को देखना रखना चाहता है और चाहता है कि उम्मीदवार वीडियो में नहीं खुद उनसे रूबरू हो।

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