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बड़ा सवाल, किस दल से किस्मत आजमाएंगे पूर्व विधायक वहाब चौधरी?

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गाजियाबाद। मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र को अब तक पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी और पूर्व विधायक वहाब चौधरी प्रभावित करते रहे हैं। राजपाल त्यागी एक तरह से राजनीति से सन्यास ले बैठे हैं और वह अब चौधरी बसपा से बाहर होने के बाद और हत्या के आरोप में जेल जाने के बाद से चुप्पी साधे बैठे हैं। अब जबकि विधानसभा चुनाव के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गई है तब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि वहाब चौधरी किस करवट बैठेंगे।
गौरतलब है कि मुरादनगर के मुस्लिम मतदाताओं पर वहाब चौधरी की बड़ी पकड़ रही है। 5 वर्ष पूर्व मुराद नगर पालिका परिषद के चेयरमैन चुनाव में वहाब चौधरी प्रत्याशी थे। मुस्लिम समाज में बड़ी पकड़ होने और बसपा प्रत्याशी के रूप में दलित वोटों के सहारे के बावजूद वह चुनाव हार गए। इसका बड़ा कारण बसपा के वर्तमान नगर अध्यक्ष एडवोकेट इमरान खान रहे जो उस चुनाव में मुस्लिम समाज की लगभग 8000 वोट ले गए जो वहाब चौधरी की हार का कारण बने। चुनाव के बाद वहाब चौधरी को बसपा से निष्कासित कर दिया गया। बसपा से निष्कासन के बावजूद उन्होंने किसी दूसरे दल में जाने का प्रयास नहीं किया। इसी बीच वह हत्या के एक मामले में फंस गए जिसमें उन्हें जेल जाना पड़ा। अब वह जेल से बाहर हैं। उनके निकटतम सूत्रों का कहना है कि वे चुनाव की तैयारियों में है।
सवाल यही है कि आखिर वह किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। यह बात पूछे जाने पर उनका कहना था कि बहुत शीघ्र ही सब कुछ सामने आ जाएगा। बसपा सूत्रों के अनुसार बसपा में समर्थक प्रयासरत है कि उन्हें बसपा उम्मीदवार घोषित किया जाए। सूत्रों के अनुसार बसपा नेतृत्व और उनके बीच धन का लेन देन ही मनमुटाव का कारण था। इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी तरफ वह सपा लोकदल गठबंधन में भी पासे फेंक रहे हैं। सपा लोकदल गठबंधन में यदि उनके टिकट की बात होती है तो पूर्व एमएलसी आशु मलिक उनकी पैरवी कर सकते हैं।
मुरादनगर सीट इस समय काफी चर्चाओं में है। सबसे बड़ी चर्चा भाजपा उम्मीदवार को लेकर है। चर्चा यही है कि क्या विधायक अजीत पाल त्यागी ही आगामी चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी होंगे या फिर भाजपा किसी अन्य उम्मीदवार पर दांव लगाएगी। सपा लोकदल गठबंधन की सीटों के बंटवारे की घोषणा पर सभी की नजर लगी है कि यह सीट किसके खाते में जाती है। दोनों ही दल मुरादनगर पर अपना दावा ठोक रहे हैं। रालोद के पास इस समय कोई मजबूत उम्मीदवार वहां नहीं है लेकिन वहाब चौधरी रालोद में जाते हैं तो वह एक सशक्त उम्मीदवार साबित हो सकते हैं।
मुरादनगर विधानसभा सीट इस समय दिग्गज त्यागी नेता केसी त्यागी के पुत्र अमरीश त्यागी को लेकर भी चर्चाओं में है। हालांकि अमरीश त्यागी का नाम मुजफ्फरनगर की चरथावल, मेरठ की खरखोदा और आगरा जनपद की एक सीट के लिए भी लिया जा रहा है। अमरीश त्यागी का पैतृक गांव मोरटा मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र का ही हिस्सा है। मोर का एक बड़ा गांव है जो अमरीश त्यागी के चुनाव लड़ने की स्थिति में उनके लिए एकजुट हो सकता है।
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार जनवरी के प्रथम सप्ताह में चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है। इसी के साथ सभी राजनीतिक दलों में गहमागहमी बढ़ने के आसार हैं।

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