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“संस्कृति और स्वास्थ्य” पर गोष्ठी सम्पन्न

हमारे खान पान से हमारी संस्कृति झलकती है-डॉ. सुषमा आर्या,आयुर्वेदाचार्य

विपिन रावत के निधन से राष्ट्र की अपूर्णीय क्षति-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

गाजियाबाद केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “संस्कृति और स्वास्थ्य” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल में 325 वां वेबिनार था।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि सी डी एस विपिन रावत के निधन से राष्ट्र की अपूर्णीय क्षति हुई है।उन्होंने सेना में नयी ऊर्जा व उत्साह का संचार किया व सेना का नवीनीकरण किया। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।समस्त राष्ट्र आज दुःखी व असहाय महसूस कर रहा है।”हजारों साल तक नरगिस अपनी बेनूरी पर रोती है,बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा।”

डॉ. सुषमा आर्या ने कहा कि व्यक्ति के खानपान रहन सहन से उसकी संस्कृति झलकती है।
आयुर्वेद के अनुसार सात प्रकार के रोग माने गए हैं- मौसम परिवर्तन के कारण लू लगना, जुकाम,नजला,खांसी आदि दैववबलज- जैसे बाढ़ अकाल, प्राकृतिक आपदा आदि
स्वभाव बलज- जैसे भूख प्यास, अपचन,क्रोध इत्यादि संघात बलज- चोट लगने पर,कीट पतंगे के काटने पर बीमार होना
आदि इन सब का इलाज आयुर्वेद में निश्चित रूप से संभव है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में नाभि मस्तिष्क से भी अधिक महत्वपूर्ण है नाभि शरीर का प्रथम दिमाग है नाभि में तेल डालकर। बीमारियों का उपचार संभव है।सोने से पहले यदि एरेंड का तेल नाभि में दिया जाए तो मोटापा,जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए नाभि पर सरसों का तेल लगाने से फायदा होता है नारियल का तेल लगाने से और जैतून का तेल लगाने से प्रजनन क्षमता बढ़ती है।गाय का घी नाभि में लगाने से आंखों का सूखापन ठीक होता है।नीम का तेल लगाने से त्वचा संबंधी रोग ठीक होते हैं
बदलते मौसम में अर्जुन की छाल का पाउडर का दूध में उबालकर सेवन करना उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करता है आंवला कैंडी खट्टी मीठी दोनों ही घर में बनाई जा सकती हैं और वह इम्यून सिस्टम को ठीक करती हैं सर्दियों में बालों के झड़ने को रोकने के लिए घर में ही सुंदर तेल बनाया जा सकता है 100 ग्राम सरसों का तेल,50 ग्राम नारियल का तेल दोनों को मिला दिया जाता है और मेथी के बीज का पाउडर आधा चम्मच और कड़ी के पत्ते दो चम्मच पाउडर उस तेल में मिलाकर कांच की बोतल में भरकर 5 दिन तक बाहर रखने से औषध तेल तैयार हो जाएगा जिसमें धूप और शाम दोनों मिलते रहेंगे,चेहरे की खुश्की को हटाने के लिए मलाई और शक्कर इत्यादि का प्रयोग किया जा सकता है।

आर्य नेत्री अंजू बजाज व डॉ. रचना चावला ने शाकाहार अपनाने पर जोर दिया।मांसाहार हमारी संस्कृति का अंग नहीं है।

गायक रविंदर गुप्ता, प्रवीना ठक्कर, दीप्ति सपरा, रजनी गर्ग,रजनी चुघ,कमला हंस,प्रेम हंस,प्रतिभा कटारिया,के एल मल्होत्रा, कुसुम भंडारी,राजेश मेहंदीरत्ता, आदि ने गीत सुनाये ।

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