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आगामी विधानसभा चुनाव में युवा वोटर निभाएंगे अहम भूमिका

गाजियाबाद। प्रदेश विधानसभा के चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा भले ही अभी नहीं हुई है लेकिन सभी राजनीतिक दल युवा मतदाताओं के जोड़ घटाव में जुट गए हैं। राजनीतिक दलों की नजर प्रदेश के युवा मतदाताओं पर है।
1 नवंबर से नए मतदाताओं के पंजीकरण से पूर्व जो आंकड़े थे उनके अनुसार लगभग 45 फ़ीसदी से ज्यादा 18 से 40 वर्ष की उम्र के बीच के मतदाताओं की संख्या लगभग 14 करोड़ 40 लाख है। इस समय प्रदेश में सबसे अधिक संख्या में युवा मतदाताओं की ही है। माना जा रहा है कि आगामी चुनाव में यह युवा मतदाता ही चुनाव की दिशा तय करेंगे। इस बात को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस का नेतृत्व युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के वादे कर रहा है।
युवा मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के मामले में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार विपक्षी दलों से काफी आगे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री तुलनात्मक तौर पर काफी युवा हैं और उन्होंने युवाओं के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की है। शिक्षित , ग्रामीण और शहरी युवाओं की मानसिकता में बड़ा अंतर है। शिक्षित युवा जाति, धर्म और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर मतदान करने से काफी दूर जा रहा है। इस युवा को बेहतर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी अच्छा रोजगार चाहिए। यूनिवर्सिटी खोलने को लेकर भाजपा सरकार बाकी दलों पर भारी पड़ रही है।
पिछले चुनावों पर नजर डाली जाए तो इस युवा वोटर ने ही वर्ष 2007 में मुलायम सिंह यादव के शासन की राजनीतिक उठापटक और उस दौर में आई अपराधों की बाढ़ से ऊबकर बसपा प्रमुख मायावती को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया था। यह अलग बात है कि मायावती सरकार में युवा मतदाताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं नहीं बनाई गई तो फिर इस युवा मतदाता वर्ग ने वर्ष 2012 में अखिलेश यादव को सत्ता सौंपी। वर्ष 2017 में युवा वोटर बड़े पैमाने पर भाजपा के साथ गया जिसका परिणाम उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। फिलहाल योगी सरकार ने अपने अनुपूरक बजट में 3000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है जिससे स्नातक, परास्नातक डिप्लोमा आदि पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रही एक करोड़ युवाओं को मुफ्त में टेबलेट यह स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाएगा। यह स्मार्टफोन और टेबलेट इस दिसंबर से ही युवाओं को मिलने लगेंगे।
ऐसे में युवाओं को लुभाने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इंटर पास छात्राओं को फ्री स्माटफोन और फ्रिज में छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की है। इसी तरह आईआईटी, एनआईटी, मेडिकल और लॉ की पढ़ाई कर रहे युवाओं को पार्टी से जोड़ने की मुहिम चलाई जा रही है। बीएफ प्रियंका ने बने यूपी की आवाज नाम से नया अभियान चलाया है। समाजवादी पार्टी ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने और शिक्षामित्रों को फिर से सहायक अध्यापक बनाने जैसे वादों की चर्चा शुरू कर दी है। बसपा प्रमुख मायावती भी कह रही हैं कि यूपी से पलायन रोकने के लिए हर युवा को रोजगार दिया जाएगा।
प्रदेश में युवा और महिला शक्ति की आगामी विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका रहने की संभावना राजनीतिक पंडित व्यक्त कर रहे हैं। यही कारण है कि सभी राजनीतिक दलों की नजर युवा और महिलाओं पर है। अभी यह सभी बातें वादे हैं, सत्ता में आने वाला दल इन वादों को धरातल पर किस हद तक उतारता है यह अभी भविष्य के गर्भ में है।

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