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रालोद की संकल्प परिवर्तन रैली दबथवा गांव 7 दिसंबर को।

बहुजन उदय अभियान हर बूथ होगा मजबूत के तहत कार्यक्रम की होगी शुरूआत। चौधरी यशवीर सिंह

संवाददाता जावेद अब्बासी

सरधना।सपा व रालोद का अनौपचारिक गठबंधन होने के बाद रालोद खेमे में सरगर्मियां बढ़ गई हैं।इसी के चलते पूर्व में स्थगित हुई रालोद की जन आशीर्वाद यात्रा के बाद आगामी 2 दिसंबर को संकल्प परिवर्तन रैली का आयोजन होना था। लेकिन किन्हीं कारणों से यह भी स्थगित हो गई अब परिवर्तन संकल्प रैली आगामी 7 दिसंबर को आयोजित की जाएगी।यह जानकारी रालोद के हस्तिनापुर क्षेत्रीय अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता में दी इस दौरान उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार पर भी जमकर हमला बोला और किसान गरीब मजदूर दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी सरकार बताया उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में जनता वोट की चोट देकर इस निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी और आगामी लोकसभा चुनाव में भी जनता देश से इस सरकार को बाहर का रास्ता दिखाएगी।
बता दें कि पूर्व में 25 अक्टूबर को सिवाल खास विधानसभा के दबथवा गांव में रालोद की जन आशीर्वाद पथ जनसभा प्रस्तावित थी।लेकिन सभा से 1 दिन पहले जोरदार बारिश ने कार्यक्रम को स्थगित करा दिया था।नया कार्यक्रम आगामी 2 अक्टूबर के लिए घोषित किया गया था।लेकिन सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और रालोद राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की ताजा मुलाकात के बाद समीकरण बदल चुके हैं। इसी के चलते कार्यक्रम को स्थगित कर रालोद की आगामी 7 दिसंबर को दबथवा गांव में परिवर्तन संकल्प रैली आयोजित की जाएगी।यह जानकारी क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है अपराधी खुले घूम रहे हैं हर दिन लूट हत्या डकैती जैसे जघन्य घटनाएं बढ़ रही हैं केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि देश में महंगाई अपने चरम पर है और बेरोजगारी दर बढ़ने से युवा बेहाल हैं जिस उम्मीद के साथ लोगों ने इस सरकार को सत्ता सौंपी थी।उस उम्मीद पर भाजपा की सरकार है खरी नहीं उतरी इसीलिए जनता ने आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से योगी की निकम्मी र हट धर्मी वाली सरकार को प्रदेश से उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है।साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में देश की जनता मोदी सरकार को उखाड़ फेंके गी उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री घमंड में चूर हैं।पिछले 1 साल से तीन कृषि काले कानूनों के विरोध में देशभर का किसान आंदोलन कर रहा लेकिन प्रधानमंत्री किसानों से वार्ता करने को तैयार नहीं है।कई राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए हार के डर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट को साइड रखकर सभी फैसले खुद लेते हैं जिसके चलते इस तरह के गलत फैसले वह लगातार ले रहे हैं वही विधानसभा चुनाव पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोकदल ने बहुजन उदय अभियान हर बूथ होगा मजबूत जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं साथ ही बूथ कमेटी का गठन किया जाएगा और हर बूथ पर अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। वह बूथ की जानकारी रखेगा जिससे उम्मीद है कि राष्ट्रीय लोकदल हर बूथ पर अच्छा प्रदर्शन करेगी वही इस मौके पर रालोद के जिला पंचायत सदस्य अनिकेत त्यागी रालोद नेता सोहित त्यागी आदि लोग मौजूद रहे।

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