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मुरादनगर के श्मशान घाट पीड़ितों ने दी नगर पालिका पर धरना देने की चेतावनी

आप अभीतक सवांददाता
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर मुरादनगर के श्मशान घाट पीड़ितों ने अधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 29 नवंबर से नगरपालिका कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि इसी वर्ष 3 जनवरी को उखलारसी स्थित श्मशान घाट पर एक मृतक का संस्कार करने काफी लोग गए थे। अंतिम संस्कार के दौरान बारिश से बचने के लिए मुख्य गेट के साथ बनाए गए बरामदे की छत गिर जाने से दर्जनों लोग वहां कब गए थे जिनमें से 24 की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि एक घायल ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ा था। इस घटना ने उस समय मुरादनगर को हिला कर रख दिया था जिसके बाद मुरादनगर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी और संबंधित अभियंता को जेल भेजा गया था। साथ ही बरांडा बनाने वाले ठेकेदार को भी जेल भेजा गया था।
मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने उस समय प्रत्येक परिवार से एक पात्र को नौकरी, इंटरमीडिएट से आगे पढ़ाई करने के लिए निशुल्क शिक्षा, घायलों को इलाज तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस मामले में पीड़ित परिवारों को 1200000 रुपए प्रति परिवार आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई थी जो कई परिवारों के लिए नाकाफी है।
कई परिवार ऐसे हैं जिनका कमाऊ सदस्य हादसे में जान गवा बैठा और इस समय वे मुश्किल हालात में समय गुजार रहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश पर एसआईटी जांच के आदेश दिए गए थे। क्या अभी जाने के बाद भी न तो एसआईटी जांच का कोई पता है और न ही संबंधित परिवार के सदस्यों को नौकरी मिल पाई है। पीड़ित परिवारों के सदस्य को रोके ना मिलने से कई परिवारों को जीवन यापन करने में कठिनाई सामने आ रही है। कई पीड़ित परिवार किराए पर रहते हैं जिन्हें और भी अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार हादसे के बाद से ही हर संभव स्थान पर अपनी गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित परिवार की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को लखनऊ तथा मेरठ में आयोजित रैली में ज्ञापन देकर अपराधियों को सजा देने और परिवारों की सहायता की मांग की थी।
प्रधानमंत्री को आज भेजे ज्ञापन में पीड़ित परिवारों की महिलाओं ने कहा है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया तो वह 29 नवंबर से पूरे परिवार सहित नगरपालिका कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। पीड़ितों की मांग है कि प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी और आर्थिक सहायता 5000000 रुपए दिए जाएं साथ ही दोषियों को उचित सजा दी जाए। ज्ञापन देने वाली महिलाओं में निधि, पुष्प लता, पिंकी, कविता और ममता आदि शामिल थी।

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