Breaking Newstirchhi nazarउत्तर प्रदेशराष्ट्रीयहमारा गाजियाबाद

पांचों सीट जीतने वाली बसपा की हालत इस बार काफी पतली

 वर्ष 2007 में जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने वाली बहुजन समाज पार्टी की हालत इस बार काफी पतली है। बसपा के जनाधार में दूसरे राजनीतिक दलों की सेंध के चलते इस बार नजर आ रहा है कि बसपा औंधे मुंह गिर सकती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2007 में बहुजन समाज पार्टी ने जिले की सभी पांचों विधानसभा सीट जीतकर हलचल मचा दी थी। बसपा अपनी सफलता को कायम नहीं रख सकी और बाद में उसका ग्राफ गिरता चला गया। हालत यह रही कि 5 वर्ष पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में बसपा को किसी भी सीट पर जीत नहीं मिल पाई। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही बसपा लगातार नेपथ्य में जाती रही है। बसपा के लगातार घटते जनाधार का कारण आम कार्यकर्ताओं से बसपा नेताओं की दूरी बनाकर रखना रहा है। बसपा के शीर्ष नेतृत्व के अलावा प्रदेश नेतृत्व से लेकर स्थानीय नेतृत्व भी आम कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क बनाए रखने में कामयाब नहीं रहा है।
दूसरी तरफ गैर बसपाई दलों ने बसपा के कैडर वोट बैंक के बीच लगातार काम किया है और उस में सेंध लगाने में कामयाब रहे हैं। इसके अलावा बसपा को बड़ा नुकसान एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने पहुंचाया है। चंद्रशेखर आजाद की पार्टी बसपा को सीधे नुकसान पहुंचा रही है। एक वर्ष पूर्व बुलंदशहर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा की हार का कारण आजाद समाज पार्टी ही बनी थी।
परिणाम यह है कि बसपा के पास इस समय चुनाव लड़ने के लिए जनाधार वाले नेता ही नहीं है। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में आने वाली हापुड़ जिले की धौलाना सीट के विधायक असलम अली ने सपा ज्वाइन कर बसपा को बड़ा झटका दिया है। अभी तक गाजियाबाद विधानसभा सीट पर सुरेश बंसल के अलावा अन्य सीटों पर उम्मीदवार भी सामने नहीं आए हैं। सुरेश बंसल की स्थिति भी इस समय पहले जितनी मजबूत नहीं है। इसका बहुत बड़ा कारण बसपा के कैडर वोट बैंक में उनके खिलाफ नाराजगी मानी जा रही है। राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि यही हालत रही तो बसपा गाजियाबाद समेत प्रदेश भर में काफी पतली हालत में रहेगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close