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भारत माँ के माथे का रोली चंदन, हमसब मिलकर करते हैं उनका वंदन-गार्गी कौशिक

देश की आजादी के अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय शब्द सृजन साहित्य संस्थान, गाज़ियाबाद ने 21 नवंबर को अद्भुत,कल्पनातीत विश्व कीर्तिमान रच डाला। लगातार 12 घंटे तक देश विदेश के 301कवियों ने “भारत रत्न विजेता” विषय पर कविता की अमृत धारा अनवरत ऑनलाइन बरसाई। सम्मानित महापुरुषों की गाथाएँ आभासी पटल के माध्यम से प्रातः10 बजे से रात 10 बजे तक निर्बाध रूप से संस्था के फेसबुक पेज और पटल पर गूंजायमान रहीं, जिसे देश विदेश के लाखों लोगों ने देखा और सुना।
साहित्यिक संस्था अंतर्राष्ट्रीय शब्द सृजन के संस्थापक/ अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि 21 नवम्बर को ऑनलाइन कविता के महायज्ञ में भारत के विभिन्न राज्यों सहित रूस,नेपाल, जापान, अबुधाबी, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, साउथ कोरिया, कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, केन्या, क़तर,दुबई,इंडोनेशिया, वर्जिनिया, जर्मनी आदि देशों के कई शहरों से के 301 रचनाकारों ने काव्यपाठ किया।

संस्था की महिला इकाई की महामंत्री एंव अधिवक्ता गार्गी कौशिक जी ने बताया की भारत रत्न जैसे विषय पर सृजन करना अपनेआप में गौरव और सम्मान की बात है यह कार्यक्रम अद्भुत, अद्वितीय और अविस्मरणीय
है उन्होंने भारत रत्न भुपेन हजारिका पर अपना गीत पढ़ा
भारत माँ के माथे का रोली चंदन
हमसब मिलकर करते हैं उनका वंदन

संस्था के महासचिव ओंकार त्रिपाठी जी ने कायर्क्रम को निर्देशित किया और बताया कि मीडिया ,तकनीकी प्रबंधन और प्रमोशन से जुड़े उत्तरदायित्व को अनुपमा जी एवम् रजनीश स्वछंद जी ने निभाया।301 कवियों/कवयित्रियों को काव्य पाठ करने के लिए 10 समूहों में विभाजित किया गया था,जिसे अलग अलग संचालक संचालित कर रहे थें।

“भारत रत्न विजेता” काव्य अनुष्ठान 21 नवंबर को नियत समय सुबह के 10 बजे प्रारंभ हो गया जिसमें प्रथम सूची का संचालन गार्गी कौशिक ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के आह्वान से किया गया,जिसे वाद्य यंत्रों पर अपना स्वर देश के जाने माने संगीतज्ञ श्री श्याम कुमार चन्द्रा जी(छत्तीसगढ़) ने दिया। तदोपरांत काव्य पाठ का शुभारंभ हुआ ,और आभासी दुनिया पर देश के सपूतों के संघर्ष और समर्पण की गाथाएं काव्य धारा के रूप में फूट पड़ीं। जो रात के 10 बजे तक निर्बाध रूप से चलती रही।

डा.राजीव पाण्डेय ने ये भी बताया कि
कार्यक्रम को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड ने पहले हीं अनुमोदित कर दिया था।
इस ऑनलाइन काव्य पाठ के उपरांत उत्कृष्ट काव्य का संकलन कर “भारत रत्न विजेता काव्य ग्रंथ” का प्रकाशन होगा तथा भव्य लोकार्पण भी किसी भारत रत्न विजेता के द्वारा हीं कराया जाएगा ,जो कि अपने आप में अभूतपूर्व होगा। उन्होंने नानाजी देशमुख पर पंक्तियां पढ़ी
घना अंधेरा धुन्ध कोहरा , रोक न रवि को पाते
तेज पुंज की आभा सम्मुख निश्चिर शीश झुकाते

ज्ञातव्य है कि डॉ राजीव कुमार पाण्डेय अध्यक्ष अंतराष्ट्रीय शब्द सृजन, विषय आधारित कार्यक्रम करने के लिये विश्व मे अपनी पहचान रखते हैं। उनके किसी भी कार्यक्रम या कवि सम्मेलन में सभी कवि उनके द्वारा दिये गए विषय पर ही काव्यपाठ करते हैं।
गत वर्ष 151 कवियों पर परमवीर चक्र विजेताओं पर एक कार्यक्रम किया था ,जो ‘भारत के इक्कीस परमवीर’ काव्य ग्रंथ के रूप में प्रकाशित हुआ, जिसका भव्य लोकार्पण राज्यमंत्री जनरल वी के सिंह द्वारा दिल्ली के हिन्दी भवन में 14 फरवरी 2021 में कराया गया था। इसका दूसरा संस्करण भी बाजार में आ चुका है।

इस पूरे कार्यक्रम के दस समूह के संचालन की जिम्मेदारी को बृज माहिर,(फरीदाबाद), रजनीश स्वछंद,(दिल्ली), कुसुमलता ‘कुसुम’ (दिल्ली), राजेश कुमार सिंह’श्रेयस'(लखनऊ), गार्गी कौशिक (गाजियाबाद),देवेन्द्र शर्मा ‘देव’ (दिल्ली), श्वेता सिन्हा (आयोवा ,अमेरिका),डॉ रजनी शर्मा ‘चन्दा’ (रांची), मैत्री मेहरोत्रा(गाजियाबाद) तथा अनुपमा पाण्डेय’भारतीय'(गाजियाबाद), निभा रहे हैं। ये सभी इस संस्था के सम्मानित पदाधिकारी है।

इसमें आठवीं सूची के संचालक दिल्ली के सुप्रसिद्ध कवि देवेंद्र कुमार देव जी ने भारत रत्न घोंड़ो केशव कर्वे पर शानदार गीत पढ़ा
रत्न गीरि महाराष्ट्र ने पाई तुमसे ही पहचान है
घोंड़ो केशव कर्वे तुम पर भारत को अभिमान है

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ।सफल कार्यक्रम के आयोजन हेतु संस्था के अध्यक्ष डा.राजीव पाण्डेय जी ने संस्था के सभी समर्पित पदाधिकारियों एवं सभी साहित्य साधकों का आभार प्रकट किया।

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