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किसानों का संघर्ष रंग लाया तानाशाही सरकार को झुकना पड़ा:निज़ाम अंसारी

सरधना।निज़ाम अंसारी सपा नेता पूर्व चेयरमैन सरधना ने कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा को ले कर कहा की निज़ाम अंसारी सपा नेता पूर्व चेयरमैन सरधना ने कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा को ले कर कहा की किसानों के अहिंसक गांधीवादी आंदोलन के कारण इस सरकार को अपना फैसला वापस लेने के लिए बाध्य होना पड़ा है। पूरी सामाजवादी पार्टी ने किसानों के आन्दोलन में पूर्ण रुप से सहयोग किया। मेरा प्रधानमंत्री जी से यह भी अनुरोध है कि जिन किसानों ने सरकार की किसान विरोधी बिलो को वापस कराने के लिए आंदोलन के दौरान अपना बलिदान दिया है उन किसानों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए और उन किसानों के परिवारों को कम से कम एक करोड़ का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा करनी चाहिए। प्रधानमंत्री जी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तुरंत कानून बनाना चाहिए। किसानों व मजदूरों के बढ़ते बिजली के बिलों, गन्ने के बकाया भुगतान व गन्ने के रेट में वृद्धि के बारे में भी तुरंत घोषणा करनी चाहिए। हम सामाजवादी लोग लगातार किसानो के साथ खड़े हैं और आने वाले समय मे किसान और जवान मजदुर मिलकर एक साथ सरकार को बदलने का काम प्रदेश में कराने जा रहें है के अहिंसक गांधीवादी आंदोलन के कारण इस सरकार को अपना फैसला वापस लेने के लिए बाध्य होना पड़ा है। पूरी सामाजवादी पार्टी ने किसानों के आन्दोलन में पूर्ण रुप से सहयोग किया। मेरा प्रधानमंत्री जी से यह भी अनुरोध है कि जिन किसानों ने सरकार की किसान विरोधी बिलो को वापस कराने के लिए आंदोलन के दौरान अपना बलिदान दिया है उन किसानों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए और उन किसानों के परिवारों को कम से कम एक करोड़ का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा करनी चाहिए। प्रधानमंत्री जी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तुरंत कानून बनाना चाहिए। किसानों व मजदूरों के बढ़ते बिजली के बिलों, गन्ने के बकाया भुगतान व गन्ने के रेट में वृद्धि के बारे में भी तुरंत घोषणा करनी चाहिए। हम सामाजवादी लोग लगातार किसानो के साथ खड़े हैं और आने वाले समय मे किसान और जवान मजदुर मिलकर एक साथ सरकार को बदलने का काम प्रदेश में कराने जा रहें है।

 

 

संवाददाता जावेद अब्बासी

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