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145 ईट भट्टों को बंद करने के निर्देश के बाद हज़ारों मजदूर होंगें बेरोजगार

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में अदालत के आदेश के बाद प्रदूषण फैलाने के जिम्मेदार 145 ईट भट्टों को बंद करने के निर्देश दिये जाने से हड़कंप मच गया है। ईंट भट्ठों को बंद करने का निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अदालत के आदेश के हवाले से दिया है। बोर्ड का मानना है कि इन 145 ईंट भट्टों को एनओसी नहीं मिली हुई है, लेकिन इनका संचालन हो रहा है जिससे प्रदूषण फैल रहा है। और इसके चलते ईंट भट्ठों पर काम करने वाली लेबर के रोजगार पर भी असर पड़ेगा। एक ईंट भट्ठे पर करीब 200 लैबर काम करती है ऐसे में हज़ारों मजदूर हो जाएंगे बेरोज़गार।

फिरोजाबाद स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मनोज चौरसिया ने बताया कि इटावा में 145 ईंट भट्ठे ऐसे चल रहे हैं जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का लाइसेंस नहीं ले रखा है। ऐसे सभी भट्ठों को बंद करने के आदेश शासन की ओर से दिए गए हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। जो लोग औपचारिकताएं पूरी कर लेंगे उनके ईंट भट्ठे का संचालन होता रहेगा। उन्होने बताया कि इन भट्ठा संचालकों ने बोर्ड से कोई लाइसेंस नहीं लिया है। हाईकोर्ट ने इस पर सख्त नाराजगी जताई है और प्रदेश सरकार को ऐसे भट्ठों का संचालन बंद करने के निर्देश दिए हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे करीब नौ हजार भट्ठे शामिल हैं। इटावा में ईंट भट्ठों की संख्या करीब 175 के आसपास है। सबसे ज्यादा परेशानी वर्ष 2012 से पहले के लगे हुए ईंट भट्ठों को लेकर आ रही है। इनके पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लाइसेंस नहीं है। इटावा ईंट भट्ठा मालिक प्रवीण वर्मा का कहना है कि ईंट भट्ठों के बंद होने से इटावा के इस उद्योग पर खासा असर पड़ेगा। ईंट भट्ठों पर काम करने वाली लेबर के रोजगार पर भी असर पड़ेगा। एक ईंट भट्ठे पर करीब 200 लैबर काम करती है ऐसे में हज़ारों मजदूर हो जाएंगे बेरोज़गार

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