Breaking Newsउत्तर प्रदेशराष्ट्रीयहमारा गाजियाबाद

पश्चिम उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को करारा झटका, यतेंद्र कसाना ने छोड़ी पार्टी

रालोद में शामिल होते हुए कहा कांग्रेस अपने पुराने रास्ते से भटकी

आप अभी तक
गाजियाबाद। अपने वजूद को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस को आज उस समय तगड़ा झटका लगा जब किसान कांग्रेस के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने पार्टी छोड़कर राष्ट्रीय लोक दल की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ कांग्रेस के दर्जनों प्रमुख कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय लोक दल की सदस्यता ग्रहण की है।
राष्ट्रीय लोकदल की सदस्यता ग्रहण करने के दौरान रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह और जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र राठी ने यतेंद्र कसाना और उनके साथियों का पार्टी में आने पर स्वागत किया। इस दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में यशस्वी सिंह ने कहा कि यतेंद्र कसाना जैसे मेहनती और जनाधार वाले युवा के रालोद में आने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी और मजबूत होगी।पत्रकार वार्ता में बोलते हुए यतेंद्र कसाना ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं से उनके पारिवारिक संबंध रहे हैं। श्री कसाना ने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय बिहारी सिंह के संबंध पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ निकटतम संबंध रहे थे।

उन्होंने 25 वर्ष की उम्र में वर्ष 1968 में दादरी में चौधरी चरण सिंह की सभा कराई थी तब चौधरी साहब ने उनके पिता के सांगठनिक कार्यों और युवा होते हुए जनाधार की प्रशंसा की थी। बाद में उनके बड़े भाई को रालोद के तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय अजित सिंह ने पार्टी के युवा शाखा में क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया था। रालोद से उनके परिवार के पुराने संबंध रहे हैं और अब रालोद अध्यक्ष नौजवान खून जयंत चौधरी जिस तरह किसानों के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं उसे देखते हुए उन्होंने रालोद में शामिल होने का फैसला किया।
पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ दे समय वे किसी व्यक्ति विशेष अथवा कांग्रेश पर टिप्पणी नहीं करना चाहते लेकिन पार्टी में बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द ऐसा काकस बन गया है जो उनके जैसे काम करने वाले लोगों को काम नहीं करने देते। इस समय जयंत चौधरी लगातार दौरे कर रहे हैं और किसानों के साथ-साथ मजदूरों की आवाज भी उठा रहे हैं। आज जयंत चौधरी जैसे युवाओं की राजनीति में जरूरत है और इस समय उनके हाथ मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि वह अपने दर्जनों साथियों के साथ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी में शामिल हुए हैं। रालोद नेतृत्व का जो भी आदेश होगा उसका पालन करेंगे। विधानसभा चुनाव लड़ने के संबंध में उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा वह उन्हें मंजूर होगा। पार्टी नेतृत्व अकाल नितेश मिला तो वह चुनाव लड़ेंगे और रालोद को मजबूत करने के लिए भरसक प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर मौजूद रालोद के प्रमुख नेताओं में प्रदेश प्रवक्ता डॉ रेखा चौधरी, महानगर अध्यक्ष अरुण भुल्लन, अमरजीत सिंह बिडडी, ओ डी त्यागी, तेजपाल सिंह, अजय पाल प्रमुख, हिमांशु नागर, अमित चिपियाना, भूपेंद्र लोनी, जगत सिंह दोसा, अशोक तेवतिया, युवा छात्र सभा अध्यक्ष हिमांशु तेवतिया आदि प्रमुख लोग मौजूद थे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close