Breaking Newsउत्तर प्रदेशराष्ट्रीयहमारा गाजियाबाद

स्कूल ने कोर्ट के समक्ष भ्रामक/झूठी जानकारी दे,लिया अनुचित लाभ

जिला शुल्क नियामक समिति की स्थिलता के चलते पेरेंट्स को नही मिल पा रहा है फ़ीस निर्धारण कानून का लाभ
जिला शुल्क नियामक समिति अपने द्वारा अधिरोपित की गयी जुर्माना राशि (छः लाख रुपये) व को वसूलने व तृतीय जुर्माने (मान्यता रद्द) को लागू करा पाने में रही नाकामयाब जिसका लाभ लेकर डी.एल.एफ स्कूल पहुचा हाईकोर्ट

स्कूल ने कोर्ट के समक्ष भ्रामक/झूठी जानकारी दे,लिया अनुचित लाभ

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा कोई निर्णय न लिए जाने पर शिकायतकर्ता अभिभावक राहुल जैन ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन की मदद से पहचे सुप्रीम कोर्ट
सर्वोच्च न्यायालय से दिनांक:20-10-2021 पारित आदेशानुसार जिला शुल्क नियामक समिति को 4 सप्ताह में लेना होगा निर्णय

डी.एल.एफ पब्लिक स्कूल के अभिभावक राहुल जैन ने ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों संग पत्रकारवार्ता कर जिला शुल्क नियामक समिति पर स्कूलों को लाभ पहुचाने का आरोप लगाया पत्रकारों को संबोधित करते हुए राहुल जैन ने कहा कि डी.एल.एफ स्कूल द्वारा फ़ीस निर्धारण कानून के अन्तर्गत फ़ीस निर्धारण न किए जाने पर मैंने दिनांक: 24-12-2018 जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष शिकायत करी थी। समिति द्वारा बार-बार मांगे जाने पर भी स्कूल ने पत्राजात उपलब्ध नही कराए जाने पर समिति ने स्कूल पर दिनांक:03-06-2019, प्रथम जुर्माना एक लाख रुपये दिनांक:07-06-2019 को द्वितीय जुर्माना पाँच लाख रुपये व दिनांक:02-09-2020 को तृतीय जुर्माना (स्कूल मान्यता रद्द) अधिरोपित किया ।
किन्तु विभागीय खामियों के चलते स्कूल पर अधिरोपित जुर्माना राशि (छः लाख रुपये) वसूली नही गयी ओर न ही दिनांक:02-09-2020 लगाए गए तृतीय जुर्माने को लागू किया गया,जिस कारण करीब अप्रैल 2021, 150 दिनों बाद स्कूल प्रबंधन समिति ने झूठी सूचनाओं के आधार पर मा.उच्च न्यायालय प्रयागराज में याचिका संख्या:12199/2021 योजित की थी।

मा.उच्च न्यायालय ने दिनांक: 02-06-2021 दो सप्ताह का समय देते हुए जिला शुल्क नियामक समिति को फ़ीस निर्धारण करने के आदेश पारित किए,मान्य न्यायालय से पारित आदेश के क्रम दिनांक:16:जून:2021 को जिला शुल्क नियामक समिति की मीटिंग तो आयोजित की गयी किन्तु स्कूल द्वारा पत्रजात प्रस्तुत न किए जाने के कारण फ़ीस का निर्धारण नही हो सका तथा समिति ने स्कूल द्वारा पत्राजात प्रस्तुत न किए जाने पर वास्तु स्थिति से मान्य न्यायालय को अवगत कराने के बजाए स्कूल को पत्राजात प्रस्तुत करने का आदेश पारित किए गए जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा स्कूल के साथ करीब तीन वर्षों से पत्रव्यवहार चल रहा है।जिसका परिणाम आज भी शून्य है।जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा न सिर्फ मान्य उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी की गयी है।बल्कि अपने द्वारा अधिरोपित जुर्माना राशि (छः लाख) की वसूली नही की गयी है।उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के 120 दिन बीत जाने के बाद भी जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए फ़ीस निर्धारण कानून का मजाक उड़ता देख मजबूर होकर मुझे ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन के लिगल एडवाईजर मोहम्मद फ़ुजैल खान के माध्यम से मान्य सर्वोच्च न्यायालय की शरण मे जाना पड़ा,मान्य सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक:20.10.2021 जिला शुल्क नियामक समिति से चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के आदेश पारित किए।
पत्रकारवार्ता में ऑल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवानी जैन, महासचिव सचिन सोनी व लिगल एडवाईजर मोहम्मद फ़ुजैल खान,आशुतोष श्रीवास्तव,मेघा तोमर एडवोकेट उपस्थित थे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close