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Ghaziabad News: गाजियाबाद की एक सोसाइटी में 300 से अधिक परिवार कोरोना संक्रमित, 30 दिन में 9 की मौत

RWA प्रेसिडेंट दीपक कुमार ने कहा, 'हमने आम्रपाली विलेज की तरफ से प्रशासन को सूचना दी। लेकिन कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। दो हफ्ते के बाद सोसाइटी को सील कर दिया गया। सीलिंग ऑर्डर 25 अप्रैल का था और किया गया 3 मई को। यहां हालात बहुत खराब हैं। लोग ऑक्सिजन और बेड की किल्लत से जूझ रहे हैं।

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गाजियाबाद : गाजियाबाद के इंदिरापुरम की एक RWA हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले 300 से अधिक परिवार कोविड-19 से संक्रमित हो गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार को भेजे SoS में आरडबल्यूए ने वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अर्जेंट सहायता की अपील की। वहीं अभी तक 9 लोगों की मौत भी हुई है।

आम्रपाली विलेज RWA के मुताबिक 1002 फ्लैट्स वाली सोसाइटी में मध्य अप्रैल से ही संक्रमण फैल रहा है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि पिछले 30 दिनों में 9 मौत हुई हैं। यहां रहने वाले लोगों ने हॉस्पिटल में बेड और ऑक्सिजन के लिए काफी भागदौड़ की।

हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार सोसाइटी में ऐक्टिव केसों की संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार वे RWA की तरफ से शेयर की गई संख्या को देखेंगे। SOS से एक दिन पहले जिला प्रशासन ने सोसाइटी को सील कर दिया था। वायरस के संक्रमण को चेक करने के मानकों को चेक नहीं किया गया।

RWA के अनुसार सोसाइटी मे पांच मरीज गंभीर हालत में हैं, जिन्हें ऑक्सिजन और हॉस्पिटल में भर्ती कराने की जरूरत है। 10 अप्रैल को सोसाइटी में करीब 20 कोविड केस थे। लेकिन यह संख्या तेजी से बढ़ गई। 21 अप्रैल तक 120 लोग कोरोना पॉजिटिव टेस्ट हुए। 4 मई तक यह संख्या 350 के करीब पहुंच गई।

RWA प्रेसिडेंट दीपक कुमार ने कहा, ‘हमने आम्रपाली विलेज की तरफ से प्रशासन को सूचना दी। लेकिन कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। दो हफ्ते के बाद सोसाइटी को सील कर दिया गया। सीलिंग ऑर्डर 25 अप्रैल का था और किया गया 3 मई को। यहां हालात बहुत खराब हैं। लोग ऑक्सिजन और बेड की किल्लत से जूझ रहे हैं। हमारे पास 8 सिलिंडर हैं, जिन्हें गंभीर हालत वाले मरीजों को दिया जा रहा है। वे भी खत्म हो गए हैं, जिन्हें रिफिल कराना बड़ा चैलेंज है।’

आरडबल्यूए के अनुसार प्रदेश सरकार को ट्वीट कर मदद मांगने के बावजूद भी प्रशासन की तरफ से संपर्क नहीं किया गया। डीएम कृष्णा करुणेश और सीएमओ डॉक्टर सुनील त्यागी ने कहा है कि वे इस मामले को देखेंगे। अडिशनल सिटी मैजिस्ट्रेट विनय सिंह ने कहा है कि वह कोविड हॉस्पिटल में गंभीर मरीजों के लिए बेड के इंतजाम की कोशिश करेंगे।

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